CBSE ने अंकों को लेकर भ्रम मिटाया, पोर्टल पर छात्रों की बढ़ी गतिविधि
सत्यापन-पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान बोर्ड ने समझाई Marking Scheme, छात्र Footnote ध्यान से पढे

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ऐन्सर शीट के अंकों की कुल संख्या को लेकर छात्रों के बीच पैदा हुए गलतफहमी को दूर करने का लिए पूरी बात समझाई है। बोर्ड ने बताया, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ छात्रों ने स्कैन की गई ऐन्सर शीट में दिखाई दे रहे अंकों और अंतिम परिणाम में दर्ज अंकों के बीच फरक को लेकर प्रश्न किया थे।
CBSE ने बताया कि यह परिस्थिति मुख्यतः उन प्रश्नों में देखी गई है, जहां 'अथवा' (या) करके दो विकल्प दिए गए थे। कई छात्रों ने ऐसे प्रश्नों में दोनों विकल्पों के उत्तर लिख दिए। ऐसी स्थिति में बोर्ड की स्थापित नीति के अनुसार केवल उसी उत्तर के अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाते हैं, जिसमें छात्र को अधिक अंक प्राप्त हुए हों। अतिरिक्त उत्तरों के अंक उत्तर पुस्तिका में दिखाई देते हैं, लेकिन उन्हें कुल प्राप्त हुए अंकों में नहीं जोड़ा जाता।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ऐसे अंकों को Asterisk (*) के साथ दिखाया जाता है और संबंधित Footnote में यह भी साफ तौर पर लिखा रहता है कि इन अंकों को कुल जोड़ में शामिल नहीं किया गया है। छात्रों से उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करते समय इन संकेतों को ध्यान से देखने का आग्रह किया गया है।
बोर्ड की तरफ से यह सफाई ऐसे समय पर मिली है जब बड़ी संख्या में छात्र post-result सेवाओं का प्रयोग कर रहे हैं। बोर्ड के मुताबिक, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर अब तक लगभग 70 हजार छात्रों से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। हाल ही में पोर्टल पर हुए बड़े साइबर हमले के प्रयास को भी सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया था, जिसके बाद तकनीकी टीमें लगातार प्रणाली की निगरानी कर रही हैं।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.









