नेपाल में फंसे 27 नाबालिग बच्चे, उच्च शिक्षा के प्रलोभन के पीछे की जा रही धर्म परिवर्तन कोशिश !
झारखंड के चाईबासा से कुछ बच्चों को उच्च शिक्षा की खातिर प्रलोभन देकर नेपाल के काठमांडू ले जाया गया था. जिसमें से दो बच्चे भागकर किसी तरह वापस आ गए, जिसके बाद मामला सामने आया. वापस लौटे बच्चों ने बताया कि उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी.

JHARKHAND (CHAIBASA): पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पंडावीर पंचायत के रांगामाटी गांव से 11 नाबालिग बच्चों को उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य बनाने के लिए नेपाल भेजा गया था. लेकिन कुछ दिन रखने के बाद उन्हें उच्च शिक्षा तो नहीं मिली पर जानकारी के अनुसार सोची समझी साजिश के तहत वहां उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई.
इस दौरान किसी तरह दो बच्चे भागकर अपने गांव लौट आए हैं, जबकि 9 बच्चे अभी भी नेपाल में फंसे हुए हैं. घटना के बाद जब बच्चे वापस चाईबासा लौटे और पूरा मामला परिजनों को बताया तब इसका खुलासा हो पाया है.
परिजनों व बच्चों के अनुसार सभी बच्चों को धर्म परिवर्तन के लिए मुंडन कर दिया गया था. परिजनों ने बताया इस मामले में परिजनों ने जिले के उपायुक्त चंदन कुमार से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई .
पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त चंदन कुमार ने नेपाल में फंसे नाबालिग बच्चों के मामले पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरु कर दी.
एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो, एसडीपीओ बहामन टुटी और मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित टीम ने सभी बच्चों के गांव चाईबासा के सदर प्रखंड स्थित पांडवीर पंचायत रंगामाटी गांव पहुंचकर जानकारी जुटाने लगे हैं. अब तक मिली सूचना के अनुसार जांच में पश्चिमी सिंहभूम जिले के 27 बच्चे नेपाल में फंसे होने की बातें सामने आ रही है बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने की खातिर सिर मुड़वाया गया था.
मामले पर जल्द ही जिला प्रशासन बड़ा खुलासा कर सकती है.
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