बोकारो के 19 गांव सरकारी योजनाओं से वंचित, विधायक ने उठाया पंचायती राज का मुद्दा
आज विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने बोकारो के 19 गावों का मुद्दा उठाया.

Jharkhand (Ranchi): कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने आज सदन में महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. विधायक ने कहा कि झारखंड को बिहार से अलग हुए 26 साल हो गए. लेकिन आज भी बोकारो विधानसभा क्षेत्र के 19 ऐसे गांव हैं जो पंचायत क्षेत्र से वंचित हैं, जो किसी पंचायत के अंतर्गत नहीं आते हैं.
हो रखा है 14 पंचायतों का निर्माण
कांग्रेस विधायक ने कहा कि उपर्युक्त गांव पंचायती राज व्यवस्था में भी शामिल नहीं हैं. लिहाजा उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही. जैसे बर्थ सर्टिफिकेट, डेथ सर्टिफिकेट, छात्रवृत्ति राज्य की सरकारी योजनाएं इन तमाम सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा है कि पूर्व में 14 ऐसे पंचायत बनाए गए थे, जिनके अंतर्गत कई गांवों को जोड़ा गया था. उन्होंने पंचायती राज विभाग को कवायद देते हुए कहा कि इन 19 गांवों को पंचायती राज व्यवस्था के तहत एक पंचायत के अंतर्गत लाया जाए.
"राज्य सरकार कहती है उनके अधीन नहीं है भूमि"
दरअसल BSL के द्वारा भूमि अधिग्रहण किया गया था. श्वेता सिंह ने कहा कि अब राज्य सरकार कहती है कि यह भूमि उनके अधीन नहीं है, इसलिए इनको पंचायती राज के अधीन नहीं किया जा सकता. लेकिन वर्ष 2003 में 14 पंचायत बनाए गए थे और इसी बीएसएल के अधिग्रहित जमीन के वह गांव थे.
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