पर्यटन पर Yogi का बड़ा दांव, नीम करोली बाबा और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट को मिलेगी रफ्तार
नीम करोली बाबा सर्किट, बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट और धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों के विकास से पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा देने की तैयारी।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं और नई पहचान के साथ विकसित करने पर जोर दिया। इसी क्रम में नीम करोली बाबा सर्किट और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट के विकास की योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का उद्देश्य केवल सड़क, भवन और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे स्थानीय रोजगार, निवेश, संस्कृति और प्रदेश की पहचान से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से हस्तशिल्प, लोककला, पारंपरिक खानपान और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।
बैठक में पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा हुई। साथ ही ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन और वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं को बढ़ावा देने पर भी विचार किया गया। सरकार का लक्ष्य पर्यटकों को अलग और यादगार अनुभव उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने ज्ञान भारतम् मिशन की समीक्षा करते हुए बताया कि अब तक 13.70 लाख से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जा चुका है। उन्होंने इसे भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
बैठक में नैमिषारण्य, विंध्याचल, और आगरा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। नैमिषारण्य में वेद विज्ञान केंद्र, वैदिक थीम पार्क और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जबकि विंध्याचल क्षेत्र के लिए वर्ष 2050 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय और लखनऊ के आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं युवाओं को देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगी।
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