जब सैलरी सरकारी नियमों से, तो पुरानी पेंशन क्यों नहीं?, रिम्स कर्मचारियों ने मैनेजमेंट को थमाया नोटिस
रिम्स के अराजपत्रित कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन का नोटिस दिया है। 24 से 28 सितंबर तक काला बिल्ला और 29 सितंबर को धरना होगा।

Ranchi: रांची स्थित रिम्स (RIMS) के नॉन-गजेटेड (अराजपत्रित) कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। रिम्स कर्मचारी संघ ने साफ कर दिया है कि नई पेंशन योजना (NPS) के खिलाफ 24 सितंबर से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। पहले फेज में 24 से लेकर 28 सितंबर तक सभी कर्मचारी अपने काम के दौरान काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे और ड्यूटी करेंगे।
बात नहीं बनी तो 29 सितंबर को होगा बड़ा धरना-प्रदर्शन
यूनियन ने रिम्स डायरेक्टर को लेटर सौंपकर दो टूक कह दिया है कि अगर 28 सितंबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो 29 सितंबर को रिम्स प्रशासनिक भवन के सामने बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे काफी लंबे समय से ओपीएस की मांग उठा रहे हैं, लेकिन मैनेजमेंट सिर्फ टालमटोल कर रहा है और कोई पक्का कदम नहीं उठा रहा है।
'जब सैलरी-भत्ते सरकारी नियमों से मिलते हैं, तो पेंशन में भेदभाव क्यों?'
कर्मचारियों ने मैनेजमेंट को दिए ज्ञापन में याद दिलाया कि रिम्स विनियमावली-2014 के मुताबिक संस्थान के कर्मियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह ही वेतन और भत्ते दिए जाते हैं। जब झारखंड सरकार ने अपने बाकी सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर दी है, तो फिर रिम्स के कर्मियों को इससे अलग क्यों रखा गया है? कर्मचारियों का आरोप है कि रिम्स प्रशासन की इस बेरुखी और लापरवाही की वजह से सभी स्टाफ में भारी गुस्सा है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
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