झारखंड में डॉक्टर नहीं... सिक्योरिटी गार्ड कर रहे मरीजों का इलाज ! फेल हुए स्वास्थ्य मंत्री के दावे
खूंटी जिले के तोरपा रेफरल अस्पताल से सामने आई एक तस्वीर ने झारखंड स्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ इरफान अंसारी के सरकारी दावों को फेल कर दिया है. हॉस्पिटल में डॉक्टर की जगह एक सिक्योरिटी गार्ड मरीज का इलाज करता दिख रहा है और डॉक्टर-नर्स पास में ही खड़े और इस नजारे को कैमरे में कैद कर रहे व्यक्ति पर ही टूट पड़े.

Ranchi News: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार दम तोड़ती नजर आ रही है. आए दिए ऐसी तस्वीरें सामने आती है जिसमें राज्य का स्वास्थ्य सिस्टम कभी खाट पर तो कभी फर्श पर पड़ा मिलता है. यह हाल किसी एक जिले की नहीं बल्कि राज्य के लगभग सभी जिले की है जहां मरीजों का इलाज करने वाले सरकारी अस्पताल अब खुद ही बीमार होने लगे हैं. मरीज अपने बेहतर इलाज की आस लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंचते हैं लेकिन राज्य के हॉस्पिटल में अब मरीजों की इलाज के लिए आपको डॉक्टर आपको नहीं बल्कि सिक्योरिटी गार्ड मिलेंगे ! दरअसल हम ये बात इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कुछ ऐसा ही मामला खूंटी जिले से सामने आया है.
अचानक सामने आए इस मामले ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के उन दावों को फेल कर दिया है जिसमें मंत्री जी कहते हैं कि राज्य के मरीजों को प्रदेश से बाहर इलाज कराने के लिए जाने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध है. लेकिन ये क्या...? अस्पताल में तो डॉक्टर की जगह अब गार्ड साहब मरीजों के इलाज में जुट गया है ! इस बीच एक डॉक्टर ने गार्ड को मरीज का इलाज करते वीडियो बना रहे व्यक्ति को कैमरा बंद करवा दिया.
मामले में खूंटी सिविल सर्जन ने दी सफाई
अब यह मामला सुर्खियों में आते ही चर्चा का विषय बन गया है. मामले में अब खूंटी सिविल सर्जन का बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि गार्ड मरीज के जान-पहचान का था इसलिए वह उसके पास गया था. इस दौरान मौके पर डॉक्टर और नर्स सभी मौजूद थे.
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल आपको बता दें, यह पूरा मामला खूंटी जिले के तोरपा रेफरस अस्पताल का है जिसका एक वीडियो क्लिप पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक सिक्योरिटी गार्ड सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक मरीज का इलाज करता हुआ नजर आ रहा है. मौके पर डॉक्टर और नर्स भी मौजूद थे लेकिन इस बीच गार्ड, मरीज का इलाज करता रहा.
बताया यह भी जा रहा है कि तोरपा टुन टुन चाय दुकान के पास दो बाइक सवार के बीच सीधी टक्कर हुई जिसके बाद लोगों ने एम्बुलेंस के लिए फोन किया. लेकिन कोई नहीं मिलने पर वे हादसे में घायल हुए युवक को आनन-फानन में रेफरल हॉस्पिटल पहुंचाया. लेकिन अस्पताल में डॉक्टर या कोई स्टाफ नजर नहीं आया. इसी बीच घायल युवक की स्थिति देखकर सिक्युरिटी गार्ड ने ड्रेसिंग करनी शुरू कर दी. वहीं बाद में जब मरीज के पास एक डाक्टर पहुंचा तो उसने घायल को अस्पताल लाने वाले के साथ कुछ सवाल पूछे.
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