पतझड़ में धधक रहा सरायकेला का कांड्रा जंगल, खतरे में वन्यजीवों का अस्तित्व
सरायकेला स्थित कांड्रा जंगल में इन दिनों आग की तेज लपटें उठ रही है जो पूरे जंगल में लगातार फैलता ही जा रहा है. इस आगलगी से पेड़-पौधों के साथ वन्य प्राणियों को भारी नुकसान हो रहा है.

Seraikela (Jharkhand): पतझड़ के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं एक बार फिर बढ़ने लगी हैं. सरायकेला जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत कांड्रा वन विभाग के जंगल में इन दिनों लगभग रोजाना आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं. जिसके कारण जंगल के पेड़-पौधों के साथ-साथ वन्यजीवों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है.
बताया जाता है कि कांड्रा वन विभाग कार्यालय के समीप स्थित खाली पड़े भूखंड और आस-पास के जंगलों में कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं लगातार हो रही हैं. सूखे पत्तों और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल जाती है, जिससे हरे-भरे पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो जा रहे हैं. जंगल में रहने वाले छोटे-बड़े जीव-जंतु भी इस आग की चपेट में आकर अपने प्राकृतिक आवास से बेघर हो रहें हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई घटना नहीं है. हर वर्ष पतझड़ के मौसम में इस क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं. इसके बावजूद वन विभाग की ओर से आग पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं. लोगों का आरोप है कि विभाग की अनदेखी के कारण ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं.
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे जंगल की जैव विविधता को भारी नुकसान हो सकता है और क्षेत्र की हरियाली धीरे-धीरे समाप्त हो सकती है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जंगल में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.
रिपोर्ट- चंद्र शेखर
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