यूरिया की कालाबाजारी का खेल बेनकाब? जदयू विधायक ने अपनी ही सरकार की खोली पोल
विधायक विशाल कुमार ने सदन में मांग की कि संबंधित अधिकारियों और डीलरों के मोबाइल लोकेशन की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तस्करी के दौरान वे कहां सक्रिय थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारी, जिनकी पोस्टिंग अन्यत्र है, वे जिले में रहकर पूरे नेटवर्क को संरक्षण दे रहे हैं.

Bihar (Motihari): बिहार विधानसभा में गुरुवार को पूर्वी चंपारण जिले में यूरिया की कालाबाजारी और नेपाल सीमा पर हो रही जमकर तस्करी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. खास बात यह रही कि सत्ता पक्ष के ही नरकटिया से जदयू विधायक विशाल कुमार ने अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खाद की कालाबाजारी और तस्करी में विभागीय अधिकारियों और डीलरों की मिलीभगत का आरोप लगाया. उनके तेवर से सदन का माहौल गरमा गया और सत्ता पक्ष के भीतर असहजता साफ दिखी.
सीमावर्ती इलाकों में ‘खाद का खेल’
बता दें कि पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन, बनकटवा, छौड़ादानो और आदापुर जैसे सीमावर्ती थाना क्षेत्रों के इन बॉर्डर इलाकों से बड़े पैमाने पर यूरिया तस्करी कर नेपाल भेजी जा रही है. सूत्रों की मानें तो इस तस्करी और कालाबाजारी के खेल में कृषि विभाग के पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और लाइसेंसधारी डीलर तस्करों के साथ सांठगांठ कर किसानों का हक मार रहे हैं.
नरकटिया विधायक ने खाद की कालाबाजारी और तस्करी का मुद्दा जोड़ों से उठाते हुए कहा कि सरकारी कागजों में पर्याप्त आपूर्ति दिखाई जाती है, लेकिन जरूरत के समय किसानों को खाद उपलब्ध नहीं होती. किसानों को यूरिया दोगुनी दाम पर खरीदनी पड़ रही है. रबी सीजन के दौरान भी किसानों को फॉस्फेटिक खाद और यूरिया काले बाजार से खरीदनी पड़ी.
उन्होंने कहा कि जब फसल के लिए खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी समय बाजार से खाद गायब हो जाती है और बाद में ऊंचे दाम पर उपलब्ध कराई जाती है.
मोबाइल लोकेशन जांच की मांग
विधायक विशाल कुमार ने सदन में मांग की कि संबंधित अधिकारियों और डीलरों के मोबाइल लोकेशन की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तस्करी के दौरान वे कहां सक्रिय थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारी, जिनकी पोस्टिंग अन्यत्र है, वे जिले में रहकर पूरे नेटवर्क को संरक्षण दे रहे हैं.
खाद की कालाबाजारी और तस्करी के आरोपों पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि वर्ष 2025-26 में खरीफ और रबी दोनों मौसम के लिए आवश्यकता से अधिक यूरिया की आपूर्ति की गई है.
उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण में इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और 19 डीलरों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं. मंत्री ने दावा किया कि कालाबाजारी और तस्करी के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है.
मंत्री के जवाब के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा. भाजपा विधायक नीरज बब्लू ने भी आरोप लगाया कि बिहार से यूरिया की तस्करी नेपाल तक हो रही है. उन्होंने सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की मांग की.
सत्ता पक्ष में मतभेद उजागर
यूरिया की कालाबाजारी को लेकर उठे सवालों ने न केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाया, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर मतभेद को भी सार्वजनिक कर दिया.
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराती है या फिर कार्रवाई केवल कागजी स्तर तक सीमित रहती है. पूर्वी चंपारण से उठी यह आवाज अब पूरे राज्य में खाद वितरण व्यवस्था पर बहस का कारण बन चुकी है.
Report: Pratik Singh
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