झारखंड में हिमालय बर्फबारी का असर ! लकड़ी चुन-चुनकर अलाव ताप रहे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग
झारखंड में ठंड अब बढ़ने लगा है जो सभी लोगों को परेशान कर रहा है. खबर सरायकेला का है जहां चौक-चौराहों पर जिला प्रशासन ने अबतक अलाव की व्यवस्था नहीं की है जिससे लोग परेशान है.

SARAIKELA: हिमालय में बर्फबारी का असर अब झारखंड के सरायकेला में दिखने लगा है. यहां अभी से दिसंबर के दूसरे सप्ताह जैसा ठंड पड़ने लगा है लेकिन जिला प्रशासन और आदित्यपुर नगर निगम ने अबतक चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की है. इससे शाम के बाद और अहले सुबह बस पकड़ने और रेलवे स्टेशन में ट्रेन पकड़ने जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है चौक-चौराहों और बस पड़ाव में अलाव की व्यवस्था नहीं रहने के कारण सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जो खुले आसमान के नीचे अपना दिन गुजारते हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस जा रहा है वहीं 26 नवंबर को भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जबकि 27 नवंबर को न्यूनतम पारा एक डिग्री बढ़कर 11 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा. इतना ही नहीं 28 और 29 नवंबर को न्यूनतम पारा 12 डिग्री सेल्सियस रहेगा. इस बीच सुबह कोहरा और बाद में आंशिक बादल छाए रहेंगे. अभी ठंड की स्थिति यह है कि सुबह और शाम ठिठुरन बढ़ी है. मौसम विभाग के अनुसार, सर्दी का सितम अभी जारी रहेगा.
एक महीने पहले हुई ठंड की एंट्री !
मौसम में अभी उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होने या वहां का न्यूनतम तापमान अधिक गिरने की वजह से सरायकेला जिला में भी मौसम बदल गया है. इस बार ठंड की एंट्री करीब एक माह पहले हुई है इसलिए अभी से ही सर्दी सता रही है अब ठंड से कुछ राहत नहीं मिलेगी. तापमान में गिरावट आएगी. इस दौरान बच्चों-बुजुर्गों को ठंड से बचाने की जरूरत हैं जहां लोगों को अब तक जिला प्रशासन या नगर निगम से अलाव की व्यवस्था नहीं मिल रही है चाहे शहर का चौक चौराहा या झुग्गी-झोपड़ी में बसर कर अपना जीवन यापन करने वाले लोग. सभी बढ़ती ठंड में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से परेशान हैं.
ठंड से ठिठुर रहे बैगा बिरहोर परिवार के लोग
पिछले तीन दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. जिससे लोग परेशान हैं. मौसम में आए बदलाव के कारण पारा गिरा है. शीतलहरी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. बुधवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सबसे अधिक परेशानी गरीब और असहाय लोगों को हो रही हैं. लोग दिनभर गर्म कपड़े पहने नजर आते हैं. शहर के साथ-साथ गांव के लोग अलाव ताप कर ठंड से बचाव कर रहे हैं. सबसे अधिक ठंड का सामना बैगा बिरहोर परिवारों को करना पड़ रहा है. अब तक कंबल का वितरण नहीं होने से लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं.
बहरहाल, कड़ाके की ठंड से निपटने के लिए प्रशासन अलाव की व्यवस्था करता है, या नगर निगम खासकर बस स्टैंड, चौराहों और गरीब बस्तियों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोग खुद भी ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते हैं, लेकिन प्रशासन से इसकी नियमित व्यवस्था की मांग भी करते हैं.
रिपोर्ट- चंद्रशेखर
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