दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य का 'बादल' फिर मुस्कुराने लगा, इंसान और वन्यजीव के बीच भरोसे की मिसाल
जमशेदपुर के दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य में अचेत अवस्था में लाए गए नन्हें हाथी के स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा जा रहा है. बादल के स्वस्थ होने की यह कहानी इंसान और वन्यजीव के बीच भरोसे, प्यार और देखभाल की मिसाल बन गई है.

Jharkhand (Jamshedpur): दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी से एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है. यहां का नन्हा हाथी ‘बादल’ अब धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ होने लगा है और अपने आसपास के माहौल को फिर से अपनाने लगा है. कभी बीमार और कमजोर दिखने वाला बादल अब जंगल के खुले वातावरण में चहलकदमी करता नजर आ रहा है. बताते चलें कि नन्हें हाथी को जंगल से अचेत अवस्था में लाया गया था. जिसके बाद उसकी देखभाल के लिए वनतारा की टीम को बुलाया गया.

हाल ही में बादल दलमा के माकूलाकोचा क्षेत्र के चेकनाका और म्यूजियम तक पहुंच गया, जहां उसने कुछ खास पल बिताए. म्यूजियम में रखे नर और मादा हाथी की प्रतिमाओं को देखकर वह उनके करीब गया, सूंड से छूने लगा और उनके साथ खेलने जैसा व्यवहार किया. यह दृश्य देखने वालों के लिए भावुक कर देने वाला था. ऐसा लगा मानो बादल को अपने माता-पिता की याद आ गई हो.
बादल की देखभाल कर रहे महावत रवि सिंह उसकी परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं. वे उसे बिल्कुल अपने बच्चे की तरह प्यार और सुरक्षा दे रहे हैं. रवि सिंह के साथ बादल का रिश्ता भी बेहद खास हो गया है. दोनों के बीच एक गहरा अपनापन साफ झलकता है. बताया जाता है कि रवि सिंह पहले भी हथिनी ‘रजनी’ को इसी तरह पाल चुके हैं, जो आज पूरी तरह बड़ी और स्वस्थ हो चुकी है.

करीब छह महीने का हो चुका बादल अब अपने भोजन में भी सुधार दिखा रहा है. वह खुले जंगल में हरी-भरी घास, बांस के पत्ते और जड़ों का सेवन कर रहा है, जो उसके अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. उसकी गतिविधियों में आई तेजी और खेलकूद से वन विभाग भी काफी संतुष्ट है.
स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों की नजरें अब बादल पर टिकी हैं. हर कोई उस दिन का इंतजार कर रहा है, जब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर आसपास खुले में स्वतंत्र रूप से घूमता नजर आएगा. बादल की यह कहानी सिर्फ एक हाथी के स्वस्थ होने की नहीं, बल्कि इंसान और वन्यजीव के बीच भरोसे, प्यार और देखभाल की मिसाल बन गई है.
रिपोर्ट: कांग्रेस महतो
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