किसी भी समय हो सकता है सारंडा की जंग का अंत,झारखंड में बचे है महज इतने नक्सली
रांची: झारखंड को नक्सल मुक्त करने के लिए झारखंड पुलिस बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। खास कर सारंडा जहां बचे खुचे नक्सलियों का बसेरा है। वहां भीषण घमासान मचा हुआ है।क्योंकि पुलिस जल्द से जल्द सारंडा को नक्सल मुक्त करना चाहती है। ताकि झारखंड भी नक्सली मुक्त हो सके।

बचे हुए नक्सलियों की संख्या काफी कम रह गई है और पुलिस के लिए महज कुछ चीजें ही चेलेंज है।
झारखंड का एकमात्र इलाका पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में सारंडा जंगलों का घना बीहड़ बच गया है। जहां खूंखार नक्सलियों का बसेरा है।हाल के दिनों में नक्सली एक बार फिर सारंडा में हमलवार हो गए हैं।जिसकी वजह से पिछले एक सप्ताह में पुलिस और नक्सलियों के बीच लगातार हो रही मुठभेड़ और आईईडी ब्लास्ट में पांच जवान घायल हुए हैं। कुछ जवानों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भी रेफर किया गया है।
हलाकि लगातार हो रहे आईईडी ब्लास्ट के बावजूद सारंडा में पुलिस और नक्सलियों की जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा सहित अन्य कमांडरों को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों ने जंगल में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात किया है। आईजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह के माने तो झारखंड में महज 57 से 58 नक्सली ही बचे है। चाईबासा को छोड़कर अन्य इलाकों में मात्र 7 से 8 नक्सली बच गए हैं। जबकि चाईबासा में मिसिर बेसरा दस्ते के कुछ नक्सली डेरा जमाए हुए हैं। जिनकी घेराबंदी की गई है और कभी भी उस इलाके से नक्सलियों का पूरी तरह से सफाया हो सकता है।जिसके बाद झारखंड पूरी तरह से नक्सली मुक्त हो जाएगा।
आईजी सीआरपीएफ ने कहा है कि सारंडा की जंग का अंत किसी भी समय हो सकता है। झारखंड पुलिस इसे जीतने की दहलीज पर पहुंच चुकी हैं। नक्सलियों को हर तरफ से घेराबंदी कर ली गई है। हालांकि सारंडा में बिछा आईईडी का जाल नक्सल विरोधी अभियान में लगे पुलिस जवानों के लिए बड़ा चैलेंज बना हुआ है। क्योंकि घेराबंदी की वजह से नक्सली बौखलाए हुए हैं और लगातार पहले से बिछाए हुए आईईडी का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहे हैं।
झारखंड में अब कोल्हान में बचे हुए प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के शीर्ष नेताओं में एक करोड़ इनमी मिसिर बेसरा,असीम मंडल मोछु मौजूद है। इसके साथ ही नक्सली अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, चंदन लोहरा,अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में अपने दस्त सदस्यों के साथ जमे हुए हैं। पुलिस की घेराबंदी की वजह से ये नक्सली अब असहाय हो चुके हैं। यही वजह है कि लगातार यह आईईडी ब्लास्ट कर पुलिस बल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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