एनोस एक्का को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, सीएनटी एक्ट मामले में बड़ी मिली राहत
झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सुप्रीम कोर्ट ने जमीन लेन-देन से जुड़े बहुचर्चित मामले में जमानत दे दी है. बता दें, मामले में सीबीआई कोर्ट ने उन्हें 7 साल की सजा सुनाई थी

Ranchi News: जमीन लेन-देन से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से संबंधित मामले में सजा काट रहे एक्का को सोमवार को सर्वोच्च अदालत ने जमानत प्रदान कर दी है.
मामले में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ में सुनवाई हुई. बता दें, सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 6 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब निर्णय सुनाते हुए कोर्ट ने एक्का को जमानत दे दी है.
बता दें, इससे पहले रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने माना था कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT एक्ट) के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला लगभग डेढ़ दशक पुराना है. एनोस एक्का पर था कि है कि मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए आदिवासी भूमि की खरीद की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की थी.
जांच में यह भी सामने आया था कि जमीन की खरीद के लिए कथित रूप से फर्जी पते और दस्तावेजों का उपयोग किया गया. इस मामले में उनकी पत्नी मेनन एक्का और रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था.
प्रकरण में जिन संपत्तियों का उल्लेख हुआ, उनमें रांची के हिनू, ओरमांझी, नेवरी और चुटिया क्षेत्र में खरीदी गई जमीन शामिल है. ये खरीद-फरोख्त वर्ष 2006 से 2008 के बीच की बताई गई थी. सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.









