'गाड़ी रोको, हम GST अधिकारी हैं!', देवघर में फिल्मी अंदाज में हुई 40 लाख की डकैती, पुलिस ने जमुई-बांका से दबोचा
देवघर में खुद को GST अधिकारी बताकर 40.50 लाख रुपये की लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया। जमुई-बांका से पांच आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो, नकदी और सामान बरामद।

Deoghar News : देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत टाभाघाट-दुधिमार मुख्य मार्ग पर खुद को जीएसटी (GST) अधिकारी बताकर 40.50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर दिया है। देवघर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के पांच शातिर अपराधियों को बिहार के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने अपराधियों के कब्जे और निशानदेही से लूट में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी, 4.30 लाख रुपये नकद, लूटा गया लैपटॉप, मोबाइल फोन और पुलिस बोर्ड बरामद किया है।
गाड़ी रोककर खुद को बताया अधिकारी, बंधक बनाकर लूटे 40.50 लाख
यह सनसनीखेज वारदात आठ अगस्त को हुई थी, जिसे लेकर पीड़ित विक्रम चौधरी ने जसीडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, विक्रम चौधरी जब अपने कर्मचारी के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने उनका पीछा कर टाभाघाट-दुधिमार मार्ग पर उन्हें जबरन रुकवा लिया। अपराधियों ने रौब झाड़ते हुए खुद को जीएसटी अधिकारी बताया और जांच के नाम पर दोनों को बंधक बना लिया। इसके बाद अपराधी करीब 40 लाख 50 हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी से भरा बैग, मोबाइल फोन और लैपटॉप लूटकर तेजी से फरार हो गए।
जमुई और बांका में विशेष टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी, 5 गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए देवघर के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर बिहार के जमुई और बांका जिलों में ताबड़तोड़ दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों कुमोद पोद्दार, संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव को धर दबोचा।
स्कॉर्पियो, पुलिस बोर्ड और लूट की रकम बरामद, मोबाइल में मिला रूट मैप
पुलिस ने पूछताछ के बाद अपराधियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो (JH01BP-4780), दो मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक के पुलिसिया डंडे और लाल-नीले रंग की पुलिस लिखी प्लेट बरामद की, जिसका इस्तेमाल वे लोगों पर धौंस जमाने के लिए करते थे। इसके अतिरिक्त, आरोपी कुमोद पोद्दार के पास से लूटी गई रकम में से 4.30 लाख रुपये नकद और पीड़ित का क्षतिग्रस्त लैपटॉप बरामद हुआ। हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई कि गिरफ्तार आरोपी शिव शंकर कुमार के मोबाइल फोन में घटनास्थल तक आने-जाने वाले पूरे रास्ते का डिजिटल नक्शा (रूट मैप) मौजूद था।
आरोपियों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में पकड़े गए अपराधियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी उजागर हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी कुमोद पोद्दार के खिलाफ बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2012 में डकैती की योजना बनाने का मामला, 2023 में बिहार मद्यनिषेध अधिनियम के तहत केस और 2025 में देवघर नगर थाना क्षेत्र में दर्ज आपराधिक मामला शामिल है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस लूट की सटीक रेकी किसने की थी और शेष बची रकम को गिरोह के किन अन्य सदस्यों में बांटा गया था।
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