झारखंड में 20 जून से शुरू होगी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, 7 अक्टूबर को अंतिम प्रकाशन
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्तूबर को किया जाएगा. इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि 1 अक्तूबर 2026 निर्धारित की गई है.

Ranchi / Jharkhand (Report By- Tanay Khandelwal): राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की जा रही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक घर तक संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे.
20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को एनुमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और सत्यापन करेंगे. इसी अवधि में मतदान केंद्रों का युक्तीकरण भी किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा. इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी. नोटिस फेज तथा दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्तूबर तक चलेगी. अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्तूबर को किया जाएगा. इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि 1 अक्तूबर 2026 निर्धारित की गई है.
रवि कुमार ने कहा कि नए मतदाता 30 जून से ही आवेदन कर सकेंगे तथा बीएलओ उनके घर जाकर सेवा प्रदान करेंगे. जिन मतदाताओं से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और लोगों को भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी.
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और विदेशी नागरिक इसमें शामिल नहीं होंगे. सभी मतदाताओं को अपने एनुमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर जमा करना होगा, जिसके बाद उनका नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल किया जाएगा.
दस्तावेजों की आवश्यकता को लेकर उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में था और जिनके विवरण में कोई तार्किक विसंगति नहीं है, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी. जबकि जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था या जिनके विवरण में विसंगति है, उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. जन्मतिथि के आधार पर दस्तावेजों की शर्तें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इस कार्य के लिए लगभग 50 हजार कर्मियों को लगाया जाएगा. वर्तमान में राज्य में 29,571 बीएलओ कार्यरत हैं, जबकि विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए की संख्या 21,644 है. प्रत्येक बीएलओ को औसतन 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने कहा कि बीएलओ की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही 20 जून के बाद निर्वाचन कार्य में लगे किसी भी कर्मी का तबादला आयोग की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि 12 मई 2026 तक झारखंड में कुल मतदाताओं की संख्या 2,64,89,777 है. मतदाताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करें ताकि राज्य की मतदाता सूची अधिक पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित बन सके.
इस प्रक्रिया में 11 डाक्यूमेंट पात्र माने जाएंगे. मतदाताओं को 11 में से कोई एक डॉक्यूमेंट देने की जरूरत है. 2003 में जिनका नाम होगा उनको डॉक्युमेंट देने की जरूरत नहीं है. 20 जून के बाद से राज्य में कोई भी ट्रांसफर नहीं हो पाएगा . अगर उसके बाद ट्रांसफर करना है तो इलेक्शन कमीशन से अनुमति लेनी होगी.
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