IND-SA ODI, RANCHI: फेर डाला दक्षिण अफ्रीका की मेहनत पर पानी, रांची ODI रही भारत के नाम
रांची ODI में रोमांच अपनी चरम सीमा पर था - जब 130/5 पर जूझ रही दक्षिण अफ्रीका अचानक 332 तक पहुंच गई. शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों की धमक और फिर अफ्रीकी लोअर ऑर्डर की चमत्कारिक वापसी… आखिर इस उतार-चढ़ाव भरी जंग का रोमांचक अंत भारत की 17 रनों की जीत पर हुआ.

IND-SA ODI, Ranchi: भारत द्वारा दिए गए 350 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम शुरुआत अच्छी नहीं दे पाई. उनके सलामी बल्लेबाजों को बहुत जल्द पवेलियन वापस जाना पड़ा, और इन्हें जल्द चलता किया हर्षित राणा ने और अर्शदीप सिंह ने. अर्शदीप ने ही पहले विकेट के तौर पर मार्क्रम को वापसी का रास्ता दिखाया. इसके बाद Rickelton खाता भी नहीं खोल सके, हर्षित ने उन्हें अपना शिकार बनाया. इसी कड़ी में हर्षित का अगला बड़ा शिकार बना Quinton de Kock के रूप में. एक समय पर मजबूत स्थिति में लग रहे भारतीय गेंदबाजों ने अफ्रीकी स्कोरबोर्ड को 77/4 पर पहुंचा दिया था. लेकिन मध्यक्रम में बल्लेबाजों ने बहुत सूझबूझ और कुछ मजबूत साझेदारियों की बदौलत भारतीय गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए.

पांचवां विकेट 130 रन पर गिरा, फिर छठे विकेट के लिए भारत को थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी. तब जाकर कुलदीप यादव ने Jansen को चलता किया. क्रमशः 227 और 228 में छठा और सातवां विकेट गिरा.

मिडिल और लोअर ऑर्डर ने जलाए रखी उम्मीद की किरण
शुरुआत में बेहद आसान लगने वाले इस ODI मुकाबले को दक्षिण अफ्रीका के लोवर और मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने धीमे-धीमे बेहद रोमांचक स्थिति पर ला खड़ा किया. आप इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 130 रनों पर पांच विकेट गिरने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका का दसवां और अंतिम विकेट 332 रन पर जाकर गिरा है और भारत ने इस मुकाबले को 17 रनों से जीता है.

फैंस की नजर से अगर देखें तो बेशक काबिले तारीफ रही भारतीय बल्लेबाजी. वहीं गेंदबाजों ने भी दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को परेशान करने में शुरुआती कुछ ओवरों में कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज Jansen और उनके बाद के सारे बल्लेबाजों ने जीतोड़ मेहनत की इस मुकाबले को जीतने के लिए. लेकिन आखिरकार मेहनत नाकाम नहीं हुई और भारत ने यह रांची में खेले जा रहे पहला ODI मुकाबले को 17 रनों से अपने नाम कर लिया है.









