घाटशिला विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद पहली बार CM हेमंत सोरेन से मिलने पहुंचे सोमेश चंद्र सोरेन
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में जीतने के बाद सोमेश चंद्र सोरेन (झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता दिवंगत रामदास सोरेन के बड़े बेटे) आज पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे.

Ranchi: घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद नवनिर्वाचित विधायक सोमेश चंद्र सोरेन पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने पहुंचे, उन्होंने राजधानी रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में CM हेमंत सोरेन से मुलाकात की.
पिता के अधूरे सपने पूरा करना चाहते है- सोमेश
आपको बता दें, सोमेश सोरेन ने 38524 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को हराया है. बाबूलाल सोरेन इस सीट से दूसरी बार चुनाव हारे हैं. उपचुनाव में भारी मतों से जीत हासिल करने के बाद सोमेश चंद्र सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वे अपने पिता के अधूरे सपने को पूरा करना चाहते हैं.
रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली पड़ी थी सीट
बता दें, सोमेश सोरेन, झारखंड सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री और JMM के वरिष्ठ नेता दिवंगत रामदास सोरेन के बड़े बेटे है. 15 अगस्त 2025 को दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट खाली पड़ गई थी जिसके बाद इस सीट में उपचुनाव का होना अनिवार्य हो गया था.
पिछली चुनाव में भी बाबूलाल सोरेन को मिली थी हार
वहीं, उपचुनाव में बीजेपी ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को अपना प्रत्याशी बनाया था. और सोमेश सोरेन के खिलाफ चुनावी जंग में उतारा था. बाबूलाल सोरेन को बीजेपी ने 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन के खिलाफ पहली बार चुनावी दंगल में उतारा था लेकिन उन्हें रामदास सोरेन ने 22 हजार से अधिक मतों से हार दिलाई थी.
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