NAXATRA GLOBAL DESK
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मौत की सजा सुना दी है. शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी पाया गया है. पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के पूर्व चल रहें छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए उनपर पुलिस शक्ति का प्रयोग करने को लेकर कोर्ट में मामला चलाया जा रहा था.
चूंकि शेख हसीना भारत में निर्वासन में रह रही हैं, इसलिए उनकी गैर-मौजूदगी में ही फेसला सुनाया गया है. जस्टिस मोहम्मद ग़ुलाम मुर्तज़ा मजूमदार की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 ने यह फैसला सुनाया है.
बता दें कि शेख हसीना के अतिरिक्त तीन अन्य अभियुक्तों को भी उक्त मामले में दोषी पाया गया है. अब देखने वाली बात होगी कि बांग्लादेश की वर्तमान सरकार क्या भारत सरकार से शेख हसीना को उन्हें सौंपने के लिए कहती है? यदि उनकी ओर से कोई मांग की जाती है तो इसपर भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया होगी?









