जज़्बे को सलाम!, प्राचार्या शिल्पा ने बदल दी तस्वीर, 30 लाख के फंड से स्कूल को किया हाईटेक, अब मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
जमशेदपुर की प्राचार्या शिल्पा गुप्ता ने पूर्व छात्रों के सहयोग से 30 लाख रुपये जुटाकर सरकारी स्कूल को हाईटेक बनाया, अब राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामित हुईं।

Jamshedpur: सरकारी स्कूलों का नाम सुनते ही अक्सर जर्जर भवन और संसाधनों की कमी की तस्वीर जेहन में आती है। लेकिन, अगर इच्छाशक्ति और नवाचार (Innovation) का सही तालमेल हो, तो तस्वीर बदलते देर नहीं लगती। इसका जीता-जागता और सशक्त उदाहरण हैं पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित मांगीलाल रूंगटा+2 विद्यालय की प्राचार्या शिल्पा गुप्ता।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके इसी अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए झारखंड सरकार ने इस वर्ष 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' के लिए राज्य से जिन तीन सरकारी शिक्षकों के नाम की अनुशंसा की है, उनमें शिल्पा गुप्ता का नाम प्रमुखता से शामिल है। वर्ष 2021 के बाद यह दूसरा अवसर है जब उनके नाम की अनुशंसा इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए की गई है।
पूर्व छात्रों से जुटाए 30 लाख, बना दिए 6 हाईटेक स्मार्ट क्लास
39 वर्षीय प्राचार्या शिल्पा गुप्ता ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) की कायापलट कर दी है। इसके लिए उन्होंने सरकार के भरोसे बैठने के बजाय स्कूल के पूर्व विद्यार्थियों (एलुमनाई) से संपर्क साधा और उनके सहयोग से करीब 30 लाख रुपये का फंड जुटाया।
इस राशि का सदुपयोग करते हुए विद्यालय में छह आधुनिक 'स्मार्ट क्लास' तैयार किए गए। आज हर कक्षा अत्याधुनिक प्रोजेक्टर, एलसीडी स्क्रीन, डिजिटल शिक्षण सामग्री और मुफ्त वाई-फाई (Wi-Fi) की सुविधा से लैस है।
ग्रामीण बच्चों को मिल रही डिजिटल शिक्षा और करियर गाइडेंस
इस नवाचार का सीधा फायदा दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब बच्चों को मिल रहा है। तकनीक आधारित शिक्षा से शिक्षक भी डिजिटल माध्यम से विषयों को ज्यादा रोचक और प्रभावी ढंग से पढ़ा पा रहे हैं।
शिल्पा गुप्ता का मानना है कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज और पूर्व छात्रों के सहयोग से भी सरकारी विद्यालयों को सशक्त बनाया जा सकता है। उनके इसी प्रयास से स्कूल में छात्रों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन और बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में चमत्कारिक सुधार देखने को मिला है। यहां अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर मार्गदर्शन और डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पहले भी मिल चुके हैं कई बड़े सम्मान
शिक्षा जगत में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए शिल्पा गुप्ता पहले भी कई बार सम्मानित हो चुकी हैं। उन्हें वर्ष 2018 और 2019 में जिलास्तरीय शिक्षक पुरस्कार और 2019 में ही झारखंड सरकार के 'राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार' से नवाजा जा चुका है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उनकी अनुशंसा को पश्चिमी सिंहभूम के शिक्षा जगत की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को पूरी उम्मीद है कि शिल्पा गुप्ता की यह नवाचारी पहल राज्यभर के अन्य सरकारी स्कूलों के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।
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