RIMS के बाहर रोंगटे खड़े करने वाला मंजर!, नक्षत्र न्यूज़ के रिपोर्टर और पुलिस की तत्परता से बची बेसहारा बुजुर्ग की जान
रांची के रिम्स अस्पताल के बाहर गंभीर हालत में पड़े एक बेसहारा बुजुर्ग को नक्षत्र न्यूज़ के संवाददाता और बरियातू पुलिस की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया गया। घटना ने आपातकालीन सहायता व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता की आवश्यकता को फिर उजागर किया।

Ranchi: राजधानी रांची के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) के बाहर गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने समाज की संवेदनहीनता को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया। अस्पताल के मुख्य मार्ग पर एक वृद्ध व्यक्ति लाचार और गंभीर रूप से बीमार हालत में सड़क किनारे पड़ा था। हैरानी की बात यह थी कि उसने अस्पताल की ही ड्रेस पहन रखी थी और वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, लेकिन व्यस्त सड़क से गुजरने वाली भीड़ ने उसे अनदेखा कर दिया।
घंटों तक इंसानियत वहां से गुजरती रही, लेकिन किसी ने रुककर उस बुजुर्ग का हाल जानने की जहमत नहीं उठाई।
रिपोर्टर की नजर पड़ी, तो जागी इंसानियत
इस बीच, वहां से गुजर रहे 'नक्षत्र न्यूज़' के संवाददाता की नजर उस असहाय बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए तुरंत आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और मदद की पहल की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन बरियातू थाने को फोन पर इस घटना की सूचना दी गई।
बरियातू पुलिस ने दिखाई तत्परता, बचाई जान
सूचना मिलते ही बरियातू पुलिस ने भी बिना कोई लेटलतीफी किए तुरंत अपनी पीसीआर (PCR) वैन मौके पर भेज दी। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से उस लाचार वृद्ध को उठाया और तुरंत रिम्स अस्पताल के अंदर ले जाकर उसका इलाज शुरू करवाया। बरियातू पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
ऐसे बेसहारा लोगों के लिए हेल्पलाइन क्यों नहीं?
इस घटना ने सरकार और स्वास्थ्य महकमे के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल के बाहर एक मरीज का इस तरह लावारिस पड़े रहना गहरी चिंता का विषय है। जरूरत इस बात की है कि सरकार ऐसे लाचार, बेसहारा और घायल लोगों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन या 'त्वरित राहत दल' (Rescue Team) का गठन करे, ताकि समय रहते इन तक मेडिकल मदद पहुंचाई जा सके।
एक छोटी सी अपील...
'नक्षत्र न्यूज़' आप सभी पाठकों से अपील करता है कि यदि आपको सड़क किनारे, स्टेशन या किसी भी सार्वजनिक जगह पर कोई बेसहारा, घायल या बीमार व्यक्ति दिखाई दे, तो कृपया मुंह न फेरें। उसे अनदेखा न करें। पुलिस या एंबुलेंस को किया गया आपका एक फोन कॉल किसी की बुझती हुई जिंदगी को बचा सकता है। इंसानियत को जिंदा रखिए!
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