बेतिया में पार्क को लेकर बवाल! नगर निगम में लोगों का हंगामा
बेतिया के ऐतिहासिक कालीबाग मंदिर की खाली जमीन पर पार्क बनाने की नगर निगम की योजना का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। टेंडर के दौरान नगर निगम कार्यालय में हंगामा हुआ और गेट बंद कर दिया गया। इसी दौरान पार्षद रूही सिंह के साथ


बेतिया: ऐतिहासिक कालीबाग मंदिर की खाली जमीन पर पार्क बनाने की नगर निगम की योजना को लेकर बेतिया में विवाद गहरा गया है। पार्क के प्रस्ताव का विरोध कर रहे स्थानीय लोग बुधवार को नगर निगम कार्यालय पहुंच गए और टेंडर रद्द करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर से जुड़ी जमीन पर पार्क बनने से भविष्य में वहां असामाजिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसी आशंका को लेकर वे योजना का विरोध कर रहे हैं और नगर निगम से फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं। पार्क निर्माण के लिए नगर निगम सभागार में टेंडर की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग निगम कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने मेयर गरिमा देवी सिकारिया और उनके पति रोहित सिकारिया के खिलाफ नारे लगाए और टेंडर रद्द करने की मांग की।
विरोध के दौरान नगर निगम का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया। सूचना मिलने पर बेतिया अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से गेट खोलने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
'मंदिर की जमीन पर पार्क नहीं बनने देंगे'
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह पर पार्क बनाने की योजना है, उसका संबंध कालीबाग मंदिर से है। उनका आरोप है कि इस जमीन पर निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की भावनाओं और आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे यहां पार्क का निर्माण नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि नगर निगम को पहले स्थानीय लोगों की आपत्तियां सुननी चाहिए और उसके बाद ही किसी तरह का फैसला लेना चाहिए।
विवाद के बीच नगर निगम परिसर में एक और घटना सामने आई। वार्ड 25 की पार्षद रूही सिंह ने आरोप लगाया कि वार्ड 32 के पार्षद के बेटे आजाद हुसैन ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद पार्षद और उपमहापौर ने भी विरोध जताया। रूही सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आजाद हुसैन को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए बेतिया नगर थाना ले गई।
देर तक निगम परिसर में जुटे रहे लोग
मामले के बाद कालीबाग के स्थानीय लोग नगर निगम परिसर में ही मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। फिलहाल प्रशासन की कोशिश पूरे मामले को शांत कराने की है। दूसरी ओर, स्थानीय लोग पार्क निर्माण की योजना पर रोक लगाने की मांग पर कायम हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम टेंडर को लेकर क्या फैसला लेता है और प्रशासन इस पूरे विवाद को किस तरह सुलझाता है। फिलहाल पार्क निर्माण का मुद्दा सिर्फ टेंडर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों की आपत्ति और नगर निगम के फैसले के बीच टकराव का रूप ले चुका है।
आजाद हुसैन पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
(बेतिया से अर्जुन कुमार की रिपोर्ट)

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