बर्धमान जेल से ऑपरेट हो रहा था डकैती सिंडिकेट, कोडरमा में बैंक ऑफ महाराष्ट्र को लूटने की साजिश नाकाम, 4 गिरफ्तार
कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदरवा बस्ती से झरनाकुंड जाने वाले मार्ग पर बैंक डकैती की बड़ी साजिश रच रहे अंतरराज्यीय गिरोह के साथ पुलिस की देर रात सीधी मुठभेड़ हो गई।


Koderma Crime News: कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदरवा बस्ती से झरनाकुंड जाने वाले मार्ग पर बैंक डकैती की बड़ी साजिश रच रहे अंतरराज्यीय गिरोह के साथ पुलिस की देर रात सीधी मुठभेड़ हो गई। पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि पुलिस टीम ने मौके से चार कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा। मुठभेड़ और धर-पकड़ के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार भी चोटिल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार शिवाशीष ने मामले का विस्तृत खुलासा करते हुए बताया कि अपराधी कोडरमा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा को लूटने की अंतिम योजना बना रहे थे।
हजारीबाग पुलिस के इनपुट पर आधी रात को घेराबंदी, अपराधियों ने झोंका फायर
एसपी कुमार शिवाशीष के अनुसार, 17-18 अगस्त की मध्यरात्रि हजारीबाग पुलिस से गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि इंदरवा-झरनाकुंड रास्ते के पास कुछ हथियारबंद अपराधी एकत्रित होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। सूचना मिलते ही एक विशेष छापेमारी टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो खजूर के पेड़ के पास अंधेरे में कुछ संदिग्ध युवक मोबाइल की रोशनी में बैठे दिखे। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी करते ही अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई, 1 को लगी गोली
पुलिस ने अपराधियों को हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उनकी ओर से फायरिंग जारी रही। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की। गोलीबारी थमने पर तलाशी के दौरान एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल अवस्था में मिला, जिसे फौरन हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके साथ ही घेराबंदी कर मौके से तीन अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बर्धमान जेल से 'सिग्नल ऐप' के जरिए निर्देश दे रहा था सरगना निरंतक सिंह
पुलिस जांच और पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पकड़े गए सभी अपराधी कुख्यात निरंतक सिंह गैंग से जुड़े हैं। गैंग का मुख्य सरगना निरंतक सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल की बर्धमान जेल में बंद है। वह जेल की सलाखों के पीछे से ही एन्क्रिप्टेड 'सिग्नल मैसेजिंग ऐप' के माध्यम से लगातार गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था और डकैती की पूरी प्लानिंग की मॉनिटरिंग कर रहा था। पूछताछ में अपराधियों ने कबूल किया कि वे पिछले 15 दिनों से तिलैया इलाके में छिपकर रह रहे थे और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी कर डकैती की तैयारी पूरी कर चुके थे।
बिहार के सिवान व वैशाली के हैं सभी आरोपी, 3 लोडेड पिस्टल बरामद
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बिहार के सिवान निवासी प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा तथा वैशाली निवासी सन्नी कुमार, अतुल कुमार मिश्रा और अमन राज के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 लोडेड पिस्टल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, मैगजीन, मोबाइल फोन, बैग और अपराध में इस्तेमाल होने वाली अन्य संदिग्ध सामग्रियां बरामद की हैं। पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि गिरोह को स्थानीय स्तर पर शरण व संसाधन कौन मुहैया करा रहा था और इस सिंडिकेट में अन्य कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।

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