Jharkhand (Ranchi): राजधानी रांची में एक तरफ झारखंड पुलिस द्वारा लगातार बिना हेलमेट और सीटबेल्ट का चालान काटा जा रहा है, ताकि दो पहिया वाहन चालक और चार पहिया चालक सुरक्षित रहें. मगर इससे कुछ लोगों के मन में पुलिस के इस कार्य का द्वेष भी देखा गया है कि पुलिस सिर्फ चालान काटने का काम करती है. दूसरी तरफ पुलिस कप्तान ने जो मिशाल पेश की है, उससे लोगों का विश्वास एक बार फिर से खाकी की तरफ जरूर बढ़ेगा. बता दें कि इन दिनों रांची शहर में एंटी क्राइम चेकिंग जोरों पर है. इसी के तहत पुलिस के आला अधिकारी भी सड़कों पर गश्त लगाते नजर आ जाएंगे.
रांची एसएसपी राकेश रंजन भी शहर की व्यवस्था की निगरानी को लेकर सड़क पर गश्ती लगा रहे हैं. जब एसएसपी रांची के मुख्य चौराहे अलबर्ट एक्का चौक पहुंचे तो उनकी नजर एक ऐसे व्यक्ति पर पहुंची जो लाचार और बेबस नजर आ रहा था.
व्यक्ति की पहचान? रांची एसएसपी ने की आधी रात को मदद
गश्त के दौरान जब एसएसपी ने एक व्यक्ति को परेशान देखा तो तुरंत उसे बुलवाया गया और उससे परेशानी का कारण पूछा. व्यक्ति ने बताया कि वह एक एम्बुलेंस चालक है, जो केरल से मरीज को लेकर रांची आया था मगर रांची के अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज के परिजनों ने उसके साथ धोखाधड़ी करते हुए फरार हो गए.
उसने बताया कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मरीज को रांची सकुशल ले कर पहुंचा. मरीज के परिजन चालाकी दिखाते हुए फरार तो हो गए और उसे उसका भुगतान नहीं किया गया. जिसके बाद एम्बुलेंस चालक बेबस हो गया, उसके पास वापस लौटने के लिए पैसे भी नहीं थे. ऐसे में एसएसपी ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए रांची पुलिस को आदेश दिया कि एम्बुलेंस चालक की हर संभव मदद की जाए. रांची के बरियातू थाने की पुलिस उसे पीसीआर में बिठाकर थाने ले गई और उसके भोजन का प्रबंध किया गया.
पुलिस अब मरीज के परिजनों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने मानवता को तार पर रखते हुए उस एम्बुलेंस चालक को धोखा दिया और सड़क पर उसे छोड़ फरार हो गए.
Report: Chandan Sinha









