बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की रांची डीसी ने लगाई क्लास!!
रांची जिले के निजी स्कूलों द्वारा वसूले जा रहे मनमाने शुल्क के खिलाफ लगाम लगाने के लिए रांची डीसी एक्शन मोड में है। रांची डीसी ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ अहम बैठक करते हुए शुल्क निर्धारण समिति के गठन का निर्देश दिया । यूनिफॉर्म बदलने से पहले पेरेंट्स टीचर एसोसिएशन के साथ करनी होगी बैठक।

JHARKHAND (RANCHI): रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने सोमवार को जिले के सभी निजी स्कूलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की । बैठक में रांची डीसी ने स्कूल के प्रिंसिपलों की क्लास लगाई। ज़िला प्रशासन को अबुआ सारथी ऐप पर मिले शिकायतों के आधार पर सबूत सामने रखते हुए डीसी ने सभी स्कूलों से सवाल पूछे । लेकिन किसी भी स्कूल प्रिंसिपल की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आए ।

जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली और नियमों की अनदेखी को लेकर प्रशासन अब सख्त हो गया है। नए निर्देशों के तहत स्कूल प्रबंधन को कई अहम नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अनुसार, किसी भी स्कूल को पांच साल से पहले किताबों और यूनिफॉर्म में बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी। यदि बदलाव करना आवश्यक हो, तो इसके लिए पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन (पीटीए) की मंजूरी लेना जरूरी होगा। फीस वृद्धि पर भी नियंत्रण लगाया गया है। स्कूल प्रबंधन अब सालाना फीस में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट फीस में भी मनमानी पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पुरानी किताबें अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें दूसरे छात्र इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। एडमिशन प्रक्रिया को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एडमिशन फॉर्म के नाम पर 2-3 हजार रुपये वसूलने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब एडमिशन फॉर्म की कीमत 50 से 100 रुपये के बीच ही रखनी होगी। इसके अलावा, किसी भी छात्र को फीस बकाया होने के कारण परीक्षा में बैठने से रोकना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। प्रशासन ने सभी स्कूलों से कक्षा-वार किताबों की सूची, पब्लिशर और कीमत की जानकारी भी मांगी है। हालांकि, आरोप है कि कई स्कूलों ने पत्र जारी होने के बाद भी जिला प्रशासन को आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। निर्देशों के तहत 20 अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में फी रेगुलेटरी कमिटी की बैठक आयोजित करनी होगी। साथ ही पिछले तीन वर्षों और चालू सत्र के एडमिशन से संबंधित पूरी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। स्कूलों को 20 अप्रैल शाम 5 बजे तक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सभी दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, कई स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने शिकायत भी दर्ज कराई है। इनमें सेंट एंथोनी स्कूल, डोरंडा द्वारा 12,000 रुपये एनुअल चार्ज और अन्य मदों में भारी शुल्क वसूली, सच्चिदानंद ज्ञान भारती मॉडल स्कूल द्वारा री-एडमिशन के नाम पर हजारों रुपये लेने, और मेटास एडवेंटिस्ट स्कूल द्वारा फीस में लगातार बढ़ोतरी जैसे मामले शामिल हैं। इसके अलावा, कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके और शारदा ग्लोबल स्कूल पर भी विभिन्न मदों में अत्यधिक शुल्क वसूलने के आरोप लगे हैं। प्रशासन ने ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है और चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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