पिंक स्कूटी पर निकलीं ‘पुलिस दीदी’, छात्राओं से पूछा - कोई मनचला तो परेशान नहीं करता?
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर नगर थाना की एसआई निवेदिता कुमारी अपनी टीम के साथ पिंक स्कूटी से शहर में निकलीं।


मोतिहारी: बेटियों की सुरक्षा और उन्हें निर्भीक माहौल देने के लिए शुरू किया गया ‘पुलिस दीदी’ अभियान अब मोतिहारी की सड़कों पर नजर आने लगा है। महिला पुलिस पदाधिकारी पिंक स्कूटी पर सवार होकर शहर के उन इलाकों का जायजा ले रही हैं, जहां छात्राओं और युवतियों की आवाजाही ज्यादा होती है। इस दौरान पुलिस छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी जान रही है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर नगर थाना की एसआई निवेदिता कुमारी अपनी टीम के साथ पिंक स्कूटी से शहर में निकलीं। अभियान के तहत वह एलएनडी कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंचीं और वहां मौजूद छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि कॉलेज आने-जाने के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं होती। खास तौर पर छेड़खानी, अभद्र टिप्पणी या मनचलों की हरकतों को लेकर छात्राओं से जानकारी ली गई।
‘डरने की जरूरत नहीं, पुलिस आपके साथ है’
एसआई निवेदिता कुमारी ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर छात्राएं चुप न रहें और इसकी जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने यह भी कहा कि मनचलों के डर से किसी बेटी को पढ़ाई छोड़ने या घर बैठने की जरूरत नहीं है।
पुलिस पदाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी समस्याएं खुलकर पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
छात्राओं को दिए हेल्पलाइन नंबर
अभियान के दौरान छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन पुलिस हेल्पलाइन 112 की जानकारी दी गई। एसआई निवेदिता कुमारी ने अपना संपर्क नंबर भी छात्राओं के साथ साझा किया, ताकि किसी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाई जा सके।
पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान के जरिए छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच सीधा संवाद बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। कॉलेज, बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी से महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने पर जोर है।
पुलिस की मौजूदगी से छात्राओं में बढ़ा भरोसा
पुलिस के इस अभियान को लेकर छात्राओं ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि महिला पुलिस पदाधिकारी से सीधे बातचीत करने में अपनी परेशानी बताना ज्यादा सहज महसूस होता है। छात्राओं ने उम्मीद जताई कि कॉलेज और उसके आसपास इस तरह की पुलिस मौजूदगी से मनचलों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
‘पुलिस दीदी’ अभियान के जरिए पुलिस अब सिर्फ शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय छात्राओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं जानने और सुरक्षा को लेकर जागरूक करने की कोशिश कर रही है।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)

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