PM मोदी के राष्ट्र संबोधन को बताया जा रहा चुनाव केंद्रित, कपिल सिब्बल ने कहा- राजनीति में नई गिरावट
लोकसभा से महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार की देर शाम राष्ट्र को संबोधित किया. जिसमें उन्होंने विपक्ष की दम भर आलोचना की. विपक्ष इसकी आलोचना इसलिए कर रहा है, क्योंकि अपनी पार्टी को लेकर अतीत में किसी प्रधानमंत्री ने ऐसे पीएम के तौर पर देश संबोधित नहीं किया था.

New Delhi: राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने ‘‘चुनावी भाषण’’ देकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है और यह ‘‘राजनीति में एक नयी गिरावट’’ है.
सिब्बल ने दावा किया कि इस तरह की टिप्पणियां प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को कम करती हैं और अतीत में किसी भी प्रधानमंत्री ने इस तरह का काम नहीं किया है.
उन्होंने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘यह भारत की राजनीति में एक नयी गिरावट है. लेकिन मुझे पता है कि न तो मुख्य चुनाव आयुक्त और न ही कोई अन्य संस्था इस बारे में कुछ करेगी. प्रधानमंत्री बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं और चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री रहते हुए राजनीतिक भाषण देते हैं.’’
सिब्बल की यह टिप्पणी तब आई जब प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पारित न होने के मुद्दे पर कांग्रेस और इसके सहयोगी दलों की निंदा की.
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रधानमंत्री से क्या कहूं? आपने प्रधानमंत्री पद का महत्व इस तरह क्यों कम कर दिया है? अतीत में किसी भी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया है. आप चुनाव जीत सकते हैं, लेकिन आपको संस्था को नष्ट नहीं करना चाहिए.’’
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