Holi 2026: होली का त्योहार अमूमन हर किसी को मनाना पसंद होता है. धर्म-जात से ऊपर उठकर सभी होली के रंग में डूबे मिलते हैं. होली के दिन यदि आप सड़कों पर निकल आएं तो आप रंगों से परहेज करने वालों में से हों, या रंगों से सराबोर होना पसंद करते हों.. बिना रंगों से नहाए आप साफ-सुथरे अपने घर वापस लौटें ये संभावना कम ही होती है. लेकिन गौरतलब है कि एक बार यदि रंगों से वास्ता हो जाए तो बिना मन से होली खेले कोई रह ही नहीं सकता. हम ये सारी बातें क्यों कर रहे हैं, क्योंकि आप रंगों के इस त्योहार में अपने स्वास्थ्य का बखूबी ख्याल रखते हुए त्योहार का आनंद भी उठा पाएं.
खुशी के उस मौके पर लोगों के लिए खतरे से सावधान रहना भी जरूरी हो जाता है. होली का त्योहार रंगों और खुशियों का होता है. लेकिन इस खुशी में सावधानी नहीं बरतने पर गम भी दस्तक दे सकता है. डॉक्टरों ने भी इस त्यौहार को सही ढंग से और सावधानी से मनाने की सलाह दी है.
होली पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान
रांची के चर्चित डॉक्टर हिमालय कुमार झा ने सावधानी के तौर पर कुछ अहम बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है. होली खेलते समय आंखों पर चश्मा लगाएं, त्वचा पर पहले से तेल या मॉइश्चराइज़र लगा लें ताकि रंग सीधे स्किन में न समाए. अत्यधिक पाउडर उड़ाने से बचें और स्प्रे मशीन का इस्तेमाल सीमित रखें. सांस संबंधी मरीज अपनी इनहेलर या जरूरी दवाइयां साथ रखें. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को केमिकल वाले रंगों से दूर रखें तथा रंग खेलने के बाद तुरंत साफ पानी से स्नान करें. थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी से होली का आनंद उठाना आपको परेशानियों से दूर रखने में सहायक होगा.
सोने की थाली में जोना परोसा..
गाने के इस बोल के साथ ही आपकी बहुत सारी यादें ताजा हो गई होंगी. आप चाहें तो सोने-चांदी की थालियों में सजे अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद मजे से ले सकते हैं. परंतु ध्यान रखें कि अधिक तेलयुक्त भोजन से खुद को बचा सकते हैं. साथ ही बाहर का तला-भुना खाना भी न खाना आपके स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायता करेगा.
जोगी जी नींद न आवे..
प्रेमी जोड़ों के लिए होली का त्योहार किसी सपने के पूरे होने जैसा होता है. सबकी मनोकामना यही होती है कि किसी प्रकार अवसर मिल जाए अपने प्रेमी/प्रेमिका को रंग से सराबोर कर पाएं. आपको राधे-कृष्ण की नगरी बरसाने की होली तो ज्ञात होगी ही. जहां एक महीने पहले से ही होली का त्योहार रस्म-रिवाजों की तरह अनिवार्य रूप से मनाया जाने लगता है. लट्ठमार होली पूरे देश के साथ अब विदेशों तक भी प्रचलित हो चुका है. विदेशों से भी कई लोग विशेष तौर से इसी लट्ठमार होली का आनंद लेने होली के मौके पर भारत की यात्रा पर आते हैं. हम आपको बरसाने की इस होली से भी सतर्क करना चाहेंगे. कई न्यूज रिपोर्ट और यात्रियों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, कि कई बदमाश प्रवृत्ति के असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं को रंग लगाने के बहाने गलत पायदा उठाने का प्रयास भी किया जाता है. जिनसे सावधान रहने की आवश्यकता है. आप यदि इस बार बरसाने की होली का आनंद उठाने के ख्याल से यहां की यात्रा पर हैं और आप महिला हैं या किसी महिला के साथ गए हुए हैं तो इनसे बचते हुए कृष्ण के स्थान पर होली का सकुशल आनंद लें. साथ ही यदि कोई अभद्रता करने का प्रयास करें तो वहां उपस्थित पुलिस कर्मियों से इसकी शिकायत करें.
होली खेल रहे बांके बिहारी.. आज रंग बरस रहा
कृष्ण की होली पर कई गानें आपने सुन रखे होंगे. देश में कई लोग होली खेलने की शुरुआत अपने आराध्य कृष्ण पर रंग लगाकर किया करते हैं. कई घरों में उनके 'ठाकुर जी' की मूर्ति की विशेष पूजा की जाती है. उनको प्रतिदिन पहनाए जाने वाले कपड़े बदले जाते हैं. नए-नए कपड़े में सजे राधे-कृष्ण की छटा भी मनभावन होती है. उन्हें भोग लगाने के लिए मालपुआ आदि पकवान बनाए जाते हैं.
होली खेलने से पहले क्या करें
डॉक्टरों के अनुसार होली खेलने से पहले शरीर के खुले हिस्सों पर अच्छा मॉइश्चराइजिंग लोशन या वेसलीन पेट्रोलियम जेली जरूर लगाएं. चेहरा, गर्दन, हाथ और कान के पीछे जैसे हिस्सों को कवर करना जरूरी है. इससे रंग सीधे त्वचा के संपर्क में नहीं आते और बाद में उन्हें हटाना आसान होता है. बालों की सुरक्षा के लिए सिर पर टोपी या स्कार्फ पहन सकते हैं. बालों में हल्का सा नारियल या सरसों का तेल लगाने से भी रंगों का असर कम होता है. अगर आप बाहर धूप में होली खेलने जा रहे हैं तो सनस्क्रीन जरूर लगाएं. साथ ही आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना बेहतर रहेगा. केमिकल वाले रंगों से बचें और हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें. कम समय तक होली खेलें, ताकि त्वचा पर रंगों का असर कम पड़े.
त्वचा रोग से पीड़ित लोग रखें खास ध्यान
जिन लोगों को पहले से त्वचा संबंधी बीमारी है. जैसे एलर्जी, एक्जिमा या दाने की समस्या, उन्हें होली बहुत कम खेलनी चाहिए. ऐसे लोग सिर्फ हर्बल रंगों का ही उपयोग करें. चेहरे पर तेल लगाने की बजाय वही मॉइश्चराइजर लगाएं जो डॉक्टर ने बताया हो. अगर किसी रंग या गुलाल से त्वचा पर जलन या खुजली होने लगे तो तुरंत उसे हटाएं और सामान्य पानी से चेहरा धो लें. रंग छुड़ाने के लिए बार-बार साबुन या रगड़ का इस्तेमाल न करें. इससे समस्या बढ़ सकती है.
सुरक्षा रखते हुए उठाएं होली का लुत्फ
डॉक्टरों की मानें तो होली के त्योहार में लोगों के चेहरों पर और त्वचा पर खास असर पड़ता है. जिससे बचने की जरूरत है और ऑर्गेनिक रंगों से ही होली खेलने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही खान-पान से तबीयत बिगड़ने की भी संभावना रहती है. इसे लेकर डॉक्टर घर का खाना ही खाने की सलाह देते हैं. अंत में हम हमारे पाठकों को नालीयुक्त पानी से होली न खेलने की सलाह भी देंगे.








