BGH में नई जीवनरक्षक सुविधा: गले में फंसी चीजें अब 'रिजिड ब्रोंकोस्कोप' से सुरक्षित निकाली जा सकेंगी
बोकारो जनरल अस्पताल में रिजिड ब्रोंकोस्कोप की सुविधा शुरू होने से स्थानीय जनता को काफी सुविधा मिल होने की उम्मीद है. इस तकनीक के जरिए गले में फंसे सिक्के आदि चीजों को आसानी से निकाला जा सकेगा.

Bokaro, Jharkhand: आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के कान, नाक एवं गला (ENT) विभाग में अब 'रिजिड ब्रोंकोस्कोप' (Rigid Bronchoscope) नाम का एक विशेष आधुनिक उपकरण आ चुका है. यह मशीन उन आपातकालीन स्थितियों में वरदान साबित होगी, जब किसी मरीज के गले या सांस की नली में कोई बाहरी वस्तु (फॉरेन बॉडी) फंस जाती है और दम घुटने की नौबत आ जाती है.
बोकारो जनरल अस्पताल में इस अत्याधुनिक उपकरण का इस्तेमाल कान, नाक एवं गला विभाग में जरूरत के मुताबिक शुरू भी कर दिया गया है.
बच्चों में अधिक आती है परेशानी
आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के छोटे बच्चों में यह समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती है. बच्चे अक्सर खेल-खेल में सिक्के, छोटे खिलौने, बीज या अन्य हानिकारक चीजें मुंह में डाल लेते हैं, जो सीधे उनकी सांस की नली में जाकर फंस जाती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, यह स्थिति बेहद संवेदनशील होती है क्योंकि इससे हवा का रास्ता (एयर पैसेज) ब्लॉक हो जाता है. केवल बच्चे ही नहीं, कई बार वयस्क भी अनजाने में इस तरह के हादसे का शिकार हो जाते हैं.
कैसे काम करती है मशीन?
अब ऐसी किसी भी आपात स्थिति में मरीज को बिना समय गंवाए तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल लाया जा सकता है. इस आपातकालीन स्थिति में मरीज को पूरी बेहोशी (General Anesthesia) दी जाती है. इसके बाद डॉक्टर 'रिजिड ब्रोंकोस्कोप' के जरिए दूरबीन विधि का उपयोग करके सांस की नली में फंसी वस्तु को बिना किसी बड़े चीरे के, बेहद सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लेते हैं.
आपात स्थिति के वक्त अभिभावकों से अपील
BGH में इस सुविधा के शुरू होने से अब स्थानीय निवासियों को ऐसे मामलों में उचित चिकित्सीय मदद मिल सकेगी. अभिभावकों से भी अपील है कि वे छोटे बच्चों पर नजर रखें और ऐसी आपात स्थिति होने पर घबराने के बजाय तुरंत उन्हें अस्पताल के ईएनटी विभाग में लेकर आएं.
(बोकारो से संजीव कुमार सिंह की रिपोर्ट)
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