टैक्स का 90% हिस्सा राज्यों को ही मिलेगा!, नए खनिज बिल पर बोले पूर्व सीएम रघुवर दास, विपक्ष के आरोपों को नकारा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन (MMDR) संशोधन विधेयक का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे पूरी तरह देशहित में बताया है।


Ranchi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन (MMDR) संशोधन विधेयक का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे पूरी तरह देशहित में बताया है। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड की वर्तमान सरकार पर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को लूटने और झारखंड को 'लूटखंड' में तब्दील करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग जल, जंगल और जमीन का नारा देकर सत्ता में आए थे, उन्होंने ही राज्य की खनिज संपदा को संगठित सिंडिकेट के हवाले कर दिया है।
'पारदर्शिता लाएगा MMDR बिल, राज्यों को ही मिलता है 90% टैक्स'
रघुवर दास ने स्पष्ट किया कि MMDR संशोधन विधेयक वैध खनन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि खनिजों से प्राप्त होने वाले टैक्स और राजस्व का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संबंधित राज्यों को ही मिलता है और यह व्यवस्था आगे भी जस की तस जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ही डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की ऐतिहासिक व्यवस्था की थी, जिसके तहत खनन प्रभावित और जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर फंड खर्च करने का कड़ा प्रावधान किया गया है।
'ओडिशा से सीखे झारखंड', DMFT फंड और बंद पड़े कोल ब्लॉक पर घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व की कमी का रोना रोती है, जबकि हकीकत यह है कि राज्य के कई आवंटित कोल ब्लॉक अब भी बंद पड़े हैं। पड़ोसी राज्य ओडिशा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां पारदर्शी और तेज खनन नीतियों से हजारों करोड़ रुपये का भारी राजस्व अर्जित किया जा रहा है, जबकि झारखंड अपनी वास्तविक क्षमता का उपयोग करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि DMFT फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है; खनन प्रभावित गांवों में आज भी शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत है और सरकारी अस्पतालों में जरूरी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
'वैध खनन बढ़ने से रुकेगी अवैध लूट, 6 साल का हिसाब दे सरकार'
रघुवर दास ने कहा कि राज्य में सरकार की कथित सरपरस्ती में अवैध खनन का खेल फल-फूल रहा है, जिसके कारण वैध कोयला उत्पादन में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि वैध खनन को बढ़ावा देने से ही राज्य का राजस्व बढ़ेगा और बालू, पत्थर व कोयले की अवैध लूट पर रोक लगेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि कई खदानों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, ऐसे में सरकार को जनता को बताना चाहिए कि पिछले छह वर्षों में उसने आदिवासियों और मूलवासियों की दशा व दिशा सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं।
'चुनाव आते ही याद आई मंईयां-बप्पा योजना', जनता देगी करारा जवाब
JMM, कांग्रेस और RJD गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ताधारी दल खनिज बिल को लेकर जनता को लगातार भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे कार्यकाल में महिलाओं, युवाओं और किसानों की अनदेखी करने वाली सरकार को अब चुनाव के समय 'मंईयां-बप्पा' जैसी योजनाओं की याद आ रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान शासन में राज्य के भीतर विश्वास का गहरा संकट पैदा हो गया है और आगामी समय में राज्य की जागरूक जनता इस विश्वासघात का मुंहतोड़ जवाब देगी।

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