"150 छात्रों के लिए सिर्फ 2 शौचालय...", दुमका के आदिवासी कल्याण हॉस्टल में बदहाली, DC से लगाई गुहार
झारखंड की उपराजधानी दुमका के 'CM School of Excellence Plus Two' जिला स्कूल में पढ़ने वाले और 'आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास संख्या-1' में रहने वाले छात्रों का सब्र आखिरकार टूट गया है।


Dumka News: झारखंड की उपराजधानी दुमका के 'CM School of Excellence Plus Two' जिला स्कूल में पढ़ने वाले और 'आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास संख्या-1' में रहने वाले छात्रों का सब्र आखिरकार टूट गया है। छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव और लगातार उपेक्षा से परेशान होकर लगभग 150 छात्रों ने शुक्रवार को दुमका DC (उपायुक्त) से मुलाकात की और अपनी दर्दभरी दास्तान सुनाई। छात्रों का आरोप है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।

150 छात्रों के लिए सिर्फ 2 शौचालय, फैला संक्रमण का डर
छात्रों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि छात्रावास में करीब 150 बच्चे रहते हैं, लेकिन उनके लिए महज दो शौचालय ही उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं, उन शौचालयों का सेप्टिक टैंक भी पूरी तरह भर चुका है, जिसकी वजह से गंदा पानी पूरे परिसर में फैल रहा है। इससे हर समय संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। छात्रों ने प्रशासन से तुरंत सेप्टिक टैंक की सफाई कराने और पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है।

50 किलोमीटर दूर से लानी पड़ती है लकड़ी, खुद बनाते हैं खाना
छात्रावास में भोजन की व्यवस्था को लेकर भी छात्र बेहद परेशान हैं। छात्रों ने बताया कि पर्याप्त रसोइया और भोजन की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें दोनों समय का खाना खुद ही पकाना पड़ता है। सबसे बड़ी और हैरान करने वाली समस्या जलावन की लकड़ी को लेकर है। खाना पकाने के लिए लकड़ी लाने के लिए छात्रों को छात्रावास से करीब 50 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनका काफी समय इसी काम में बर्बाद हो जाता है।

पीने के पानी का संकट और जर्जर भवन का दिखावा
खाने और शौचालय के अलावा छात्रावास में स्वच्छ पेयजल की भी भारी किल्लत है। नगर परिषद की ओर से समय पर पानी की सप्लाई नहीं की जाती, और जो पानी मिलता है वह भी अक्सर दूषित होता है। वहीं, हॉस्टल भवन की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। छात्रों का कहना है कि भवन का वास्तविक जीर्णोद्धार कराने के बजाय प्रशासन सिर्फ उस पर रंगाई-पुताई कर देता है, जिससे भवन की मूल समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

DC और अधिकारियों ने दिया 1 हफ्ते के भीतर समाधान का भरोसा
झारखंड क्रांति सेना के निखिल मुर्मू की अगुवाई में DC दफ्तर पहुंचे छात्रों ने समाहरणालय परिसर में जिला कल्याण पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। छात्रों की समस्याओं को सुनने के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रशासन ने वादा किया है कि शौचालयों की सफाई और पीने के पानी का इंतजाम तुरंत कराया जाएगा, जबकि बाकी सभी समस्याओं का समाधान अधिकतम एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।


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