OMG! विधायक जयराम महतो पर लगा मुखिया के बेटे का गला दबाने का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला
धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में शुक्रवार की शाम ऐसा बवाल हुआ कि पुलिस भी सन्न रह गई।

Dhanbad News: धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में शुक्रवार की शाम ऐसा बवाल हुआ कि पुलिस भी सन्न रह गई। फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े एक मामले में पैरवी करने पहुंचे डुमरी के विधायक जयराम महतो और स्थानीय मुखिया के समर्थकों के बीच थाने के अंदर ही जमकर हाथापाई हो गई। मामला इतना गरमा गया कि मुखिया के बेटे ने विधायक पर जानलेवा हमला करने और गला दबाने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया है। अब इस घटना को लेकर इलाके का सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है।
कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?
यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बड़ापिछरी पंचायत से जुड़ा है। पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने गांव के ही एक शख्स गणेश दास पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि गणेश ने उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके गैरकानूनी तरीके से जाति प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र और वंशावली बनवा ली है। इसी मामले में बरवाअड्डा थाने में बकायदा एफआईआर दर्ज की गई थी और शुक्रवार को पुलिस आरोपी गणेश को पकड़कर थाने ले आई।
विधायक की एंट्री और थाने में तीखी बहस
आरोपी के पकड़े जाने के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेताओं ने डुमरी विधायक जयराम महतो को इसकी सूचना दी। उन्हें बताया गया कि पुलिस थाने में गणेश दास के साथ मारपीट कर रही है। यह सुनते ही विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने पहले फोन पर थाना प्रभारी को खूब खरी-खोटी सुनाई और फिर खुद सीधे बरवाअड्डा थाने पहुंच गए। थाने पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी करीब डेढ़ घंटे तक तीखी बहस चलती रही।
सवाल-जवाब से हाथापाई तक पहुंची बात
विधायक जयराम महतो के थाने पहुंचने की खबर जैसे ही मुखिया के समर्थकों को लगी, वे भी भारी भीड़ के साथ वहां आ धमके। मुखिया समर्थकों ने सीधे विधायक से सवाल पूछ लिया कि आखिर वे फर्जी हस्ताक्षर करने वाले एक जालसाज को बचाने क्यों आए हैं? बस इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बिगड़ गई कि देखते ही देखते कानून के रखवालों के सामने ही थाना परिसर के अंदर दोनों गुटों के बीच जमकर हाथापाई होने लगी।
'विधायक ने जान से मारने के लिए दबाया मेरा गला'
इस पूरे हंगामे और मारपीट के बाद मुखिया यशोदा देवी के बेटे प्रदीप कुमार रजक ने विधायक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदीप का कहना है कि विवाद के दौरान जयराम महतो ने उन्हें जान से मारने की नीयत से उनका गला कसकर दबा दिया। उनके मुताबिक, गला दबाने की वजह से उन्हें चोट आई, खून निकलने लगा और कुछ समय के लिए उन्हें सांस लेने में भी भारी तकलीफ होने लगी। अब प्रदीप ने पुलिस से मांग की है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली जाए, ताकि विधायक की गुंडागर्दी का सच सबके सामने आ सके।
अब CCTV फुटेज ही खोलेगा राज
फिलहाल बरवाअड्डा थाने में हुआ यह बवाल अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। जहां एक तरफ फर्जीवाड़े के आरोपी की पैरवी करने पर विधायक जयराम महतो सवालो के घेरे में हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उन पर सरेआम मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लग गया है। इस पूरे मामले में गलती किसकी है और मारपीट की शुरुआत किसने की, इसका फैसला अब पुलिस की निष्पक्ष जांच और थाने के सीसीटीवी फुटेज से ही हो पाएगा। बहरहाल, इस घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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