अब एक नाम पर नहीं मिलेंगे धड़ाधड़ SIM! सरकार का नया फैसला, नया कनेक्शन लेने से पहले जान लें ये कड़ा नियम
देश में लगातार बढ़ते डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामलों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है।

New rule for buying a SIM card: देश में लगातार बढ़ते डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामलों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब नया सिम कार्ड खरीदना उतना आसान नहीं रहेगा जितना पहले हुआ करता था। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर नया कनेक्शन जारी करने की पूरी प्रक्रिया को बेहद कड़ा बना दिया है। इस नए सिस्टम के तहत अब फर्जी तरीके से या सीमा से ज्यादा सिम कार्ड रखने वालों की पहचान तुरंत और रियल टाइम में हो जाएगी।
साइबर फ्रॉड रोकने के लिए सरकार का कड़ा रुख
अक्सर देखा गया है कि साइबर अपराधी आम लोगों के नाम पर कई-कई सिम कार्ड निकालकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। इसी खेल को खत्म करने के लिए सरकार ने नया डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) तैयार किया है। इस प्लेटफॉर्म पर देश की सभी टेलीकॉम कंपनियों का डेटा एक जगह इकट्ठा होगा। इससे साफ पता चल सकेगा कि एक व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग कंपनियों में कुल कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं।
जानिए क्या है सिम कार्ड रखने की तय सीमा
मौजूदा सरकारी नियमों के मुताबिक देश का कोई भी नागरिक सभी टेलीकॉम कंपनियों को मिलाकर अपने नाम पर ज्यादा से ज्यादा 9 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकता है। वहीं अगर आप जम्मू-कश्मीर, असम या पूर्वोत्तर राज्यों में रहते हैं, तो वहां सुरक्षा कारणों से यह सीमा सिर्फ 6 सिम कार्ड की ही रखी गई है। अब तक होता यह था कि अलग-अलग कंपनियों के पास एक-दूसरे के ग्राहकों का पूरा डेटा न होने की वजह से लोग आसानी से इस नियम को चकमा देकर कई सिम निकाल लेते थे, लेकिन अब ऐसा करना नामुमकिन हो जाएगा।
23 अगस्त से फोटो जांचना होगा अनिवार्य
23 अगस्त से इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उन सभी ग्राहकों की तस्वीरें उपलब्ध करा दी जाएंगी, जो अपने नाम पर सिम कार्ड की अधिकतम सीमा पूरी कर चुके हैं। अब सभी टेलीकॉम कंपनियों को हर दिन यह डेटा डाउनलोड करना होगा। जब भी कोई नया ग्राहक सिम लेने पहुंचेगा, तो कंपनियां इस डेटाबेस से उसकी जांच करेंगी। अगर ग्राहक की सीमा पूरी हो चुकी होगी, तो उसे किसी भी हाल में नया सिम जारी नहीं किया जाएगा।
अतिरिक्त सिम कार्ड तुरंत कराने होंगे बंद
जिन ग्राहकों के नाम पर तय सीमा से अधिक मोबाइल नंबर चालू हैं, उन्हें अपने अतिरिक्त सिम कार्ड जल्द से जल्द बंद कराने होंगे। सरकार के इस नए नियम से न केवल फर्जी कागजातों पर सिम बेचने वाले गिरोहों पर नकेल कसेगी, बल्कि आम जनता भी साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकेगी।

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