कोडरमा के उदित मौत मामले में नया मोड़, केस की फाइल अब CID के हवाले, परिजनों ने कहा- 'यह सुसाइड नहीं, मर्डर है!'
कोडरमा के सेक्रेड हार्ट स्कूल में 10वीं के छात्र उदित राज की संदिग्ध मौत का मामला अब CID के हवाले है। परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है। CID स्कूल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, शुरुआती जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत सभी पहलुओं की जांच करेगी।

Koderma Sacred Heart School Case: कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत असनाबाद स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल में 3 मई को हुई 10वीं कक्षा के छात्र उदित राज की संदिग्ध मौत के मामले में अब एक बड़ा और नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों के कड़े विरोध और झारखंड सरकार की अनुशंसा के बाद अब इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी गई है। सीआईडी ने आधिकारिक तौर पर केस अपने हाथ में ले लिया है। अब जांच एजेंसी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस बात की तह तक जाएगी कि 17 वर्षीय उदित ने आत्महत्या की थी या फिर उसकी हत्या की गई थी।
स्कूल का सुसाइड का दावा और परिजनों के अनसुलझे सवाल
दूधिमाटी निवासी विजय यादव के बेटे उदित राज की मौत स्कूल के हॉस्टल के कमरे में बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन का दावा था कि उदित ने गमछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। प्रबंधन ही उसे अपनी गाड़ी से कोडरमा सदर अस्पताल ले गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। हालांकि, उदित के परिजनों ने शुरुआत से ही आत्महत्या के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। मृतक के बड़े भाई आदित्य कुमार के मुताबिक, घटना वाले दिन वे दोपहर 2:30 बजे और शाम 5:30 बजे उदित से मिलने स्कूल गए थे और दोनों ही बार वह बिल्कुल सामान्य था। घर लौटने के कुछ ही देर बाद स्कूल से उदित की तबीयत खराब होने का फोन आया, और जब वे पहुंचे तो उदित कमरे में जमीन पर मृत पड़ा था। परिवार का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बाकी छात्र मैदान में थे, तो उदित कमरे में अकेला कैसे रह गया।
सड़क जाम और 20 दिनों का धरना, विधायक की पहल से सरकार ने लिया संज्ञान
उदित की मौत के बाद न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव को रांची-पटना मुख्य मार्ग (NH-20) पर रखकर भीषण सड़क जाम किया था। इसके अलावा मृतक के परिवार ने करीब 20 दिनों तक समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव से मुलाकात की और सीआईडी जांच की गुहार लगाई। इसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की अनुशंसा करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आते ही सरकार ने इसे सीआईडी के सुपुर्द कर दिया।
अब इन अहम बिंदुओं पर होगी CID की जांच
सीआईडी द्वारा जांच संभालने के बाद अब परिवार को न्याय की आस बंधी है। सीआईडी की टीम अब नए सिरे से घटनास्थल (हॉस्टल के कमरे) का निरीक्षण करेगी। जांच एजेंसी विशेष रूप से स्कूल प्रबंधन की भूमिका, घटना के दिन हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की शुरुआती जांच और कार्यशैली, तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि सीआईडी की निष्पक्ष जांच के बाद उदित की मौत की वास्तविक सच्चाई सामने आ सकेगी और यदि मामले में किसी की भी संलिप्तता पाई जाती है, तो दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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