सांसद-विधायक बदले, पर नहीं बदली किस्मत!, बोकारो में जरा सी बारिश में सड़कें बनीं तालाब, सांसें अटका रही बदहाली
बोकारो में हल्की फुल्की बारिश होते ही मुख्य सड़कों का हाल बेहाल हो जाता है।


Bokaro: बोकारो में हल्की फुल्की बारिश होते ही मुख्य सड़कों का हाल बेहाल हो जाता है। नया मोड़ से लेकर सीजेड (CZ) गेट, दुग्गल गेट, जोशी कॉलोनी, माराफारी और रेलवे कॉलोनी जाने वाले रूट पर जलजमाव की समस्या अब लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। दशकों पुरानी इस मुसीबत की वजह से जरा सी बरसात में ही सड़कों पर इतना पानी भर जाता है कि मालवाहक गाड़ियों से लेकर बाइक और कार सवारों तक का निकलना भारी पड़ जाता है। पैदल चलने वालों के कपड़े तो कीचड़ और गंदे पानी से खराब होते ही हैं, साथ ही हादसों का डर भी बना रहता है।
BSL कर्मियों और मजदूरों का लाइफलाइन रूट है ये रास्ता
नया मोड़ से CZ गेट और दुग्गल गेट की ओर जाने वाली यह सड़क बोकारो स्टील सिटी के लिए बेहद अहम मानी जाती है। इसी रास्ते से रोजाना सैकड़ों-हजारों BSL कर्मचारी और मजदूर अपनी शिफ्ट और ड्यूटी के लिए प्लांट आते-जाते हैं। लेकिन जैसे ही आसमान में बादल घिरते हैं, इस रास्ते पर चलना किसी सजा से कम नहीं लगता। पानी भरे रास्तों से गुजरना कर्मचारियों की मजबूरी बन चुका है।
स्कूल के बच्चे परेशान, मेडिकल इमरजेंसी में सांसें अटक रहीं
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के चलते छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। सबसे खतरनाक स्थिति तो तब बनती है जब किसी घर में कोई मेडिकल इमरजेंसी हो जाए; सड़क पर भरे पानी और गड्ढों के कारण समय पर एंबुलेंस या मरीज को अस्पताल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। लोगों का सीधा आरोप है कि BSL मैनेजमेंट को इस बदहाली की पूरी जानकारी है, फिर भी सालों से इसका कोई पक्का और परमानेंट समाधान नहीं निकाला जा रहा।
सांसद-विधायक बदलते रहे, लेकिन नहीं बदले हालात
इलाके के लोगों का गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों और अफसरों पर फूट रहा है। लोगों का कहना है कि कई चुनाव आए और गए, कई सांसद-विधायक चुने गए, लेकिन इस गंभीर समस्या की तरफ किसी ने मुड़कर नहीं देखा। जनता का साफ सवाल है कि जब दशकों से यह समस्या बनी हुई है, तो BSL मैनेजमेंट और जिला प्रशासन कब जागेगा? अब देखना यह होगा कि बोकारो डीसी और संबंधित विभाग इस पर कोई जमीनी कदम उठाते हैं या फिर हर बारिश की तरह इस बार भी लोग गंदे पानी में ही तैरने को मजबूर रहेंगे।

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