Motihari (Bihar): मोतिहारी जिले के चकिया स्थित सिटी हॉस्पिटल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल के एक डॉक्टर सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. दरअसल, आपको बता दें, चकिया स्थित सिटी अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी जिसके बाद चकिया की अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी डॉ. चंदन कुमार के नेतृत्व में जांच की विशेष टीम का गठन किया गया. जिसके बाद टीम अचानक चकिया सिटी हॉस्पिटल छापेमारी करने के लिए पहुंच गई. शिकायतों के आधार पर जब टीम जांच करने कि लिए हॉस्पिटल पहुंची तो टीम में शामिल अधिकारी वहां का नजारा देखकर दंग रह गए. उन्होंने देखा कि हॉस्पिटल के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थी. मरीजों की जान से खिलवाड़ की जा रही थी. 
10वीं फेल नर्स के कंधे पर शिशु गहन चिकित्सा इकाई की जिम्मेदारी !
सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह थी कि अस्पताल में बने शिशु गहन चिकित्सा इकाई' (ICU) का प्रबंधन भगवान भरोसे चल रहा था. जांच के लिए आए अधिकारियों ने देखा कि वेंटिलेटर में रखे गए नवजात शिशुओं की देख-रेख के लिए कोई भी विशेषज्ञ पेडियाट्रिक (शिशु रोग) डॉक्टर उपस्थित नहीं था. इतना ही नहीं इसकी जिम्मेदारी एक ऐसी नर्स के कंधों पर डाल दी गई थी जिसने अपनी शैक्षणिक योग्यता 10वीं (मैट्रिक) तक पास नहीं की है. और जांच के दौरान ही जब अस्पताल की बिजली गुल हो गई तो वेंटिलेटर जैसी नाजुक मशीनों के लिए हॉस्पिटल के पास अपना पावर बैकअप तक उपलब्ध नहीं था. जिसके कारण अंधेरे में बिना किसी ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट के नवजात शिशु काफी देर वहीं पड़े रहे. 
नियमों के खिलाफ नवजात शिशुओं का इलाज कर रहे थे डॉ सादिक
जांच के दौरान प्रशासन ने यह भी खुलासा किया है कि बीयूएमएस डॉक्टर सादिक हुसैन जिनके पास सिर्फ यूनानी चिकित्सा पद्धति की डिग्री थी वे नियमों के खिलाफ जाकर सर्जरी और नवजात शिशुओं का इलाज करने में जुटे थे. इसके अलावा हॉस्पिटल में बिना किसी सरकारी रजिस्ट्रेशन और परमिशन के धड़ल्ले से अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाया जा रहा था. जांच में अधिकारियों को अस्पताल प्रबंधन के पास से न तो कोई आवश्यक लाइसेंस मिला और न ही चिकित्सा के लिए तय किए गए बुनियादी मानकों का ही पालन किया जा रहा था.
चकिया सिटी हॉस्पिटल को किया गया सील
फर्जीवाड़े के इस अवैध खेल में स्वास्थ्य विभाग के दो आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है. जानकारी के अनुसार, ये दोनों बाहर से भोले-भाले मरीजों को बहला-फुसलाकर और अपने झांसे में लेकर अस्पताल लेकर पहुंचती थी जिसके बाद उनसे अवैध रुप से जांच और इलाज के नाम पर मनमानी ढंग से पैसों की वसूली किया जाता था. वहीं जांच के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चकिया सिटी हॉस्पिटल को तत्काल कार्रवाई करते हुए सील कर दिया. इस पूरे मामले में पुलिस ने मौके से डॉ सादिक हुसैन सहित दो आशा कार्यकर्ता और हॉस्पिटल की एक अन्य महिला सहायक को अरेस्ट कर लिया है. जिनके खिलाफ अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह









