झारखंड में समय से पहले होगी मॉनसून की दस्तक, 12 दिन पहले पहुंचने की उम्मीद
राज्य में दिन में गर्मी और शाम को बारिश का नया पैटर्न सामने आया है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा क्लाइमेट चेंज के प्रभाव के रूप में देखा जा सकता है. वहीं इस साल मॉनसून के करीब दो हफ्ते पहले झारखंड पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है.

Monsoon Update: झारखंड में मई का महीना आमतौर पर गर्मी की छुट्टियों, सन्नाटे से भरी दोपहरी और छुट्टियां मनाते लोगों से गुलजार रहता है. लेकिन इस बार का गर्मी का मौसम सर्दी, गर्मी और बारिश तीनों का मिक्स रूप बनकर प्रकट हुआ है. दिन के पहले पहर में जहां उमस वाली गर्मी से लोग परेशान रहते हैं, वहीं दूसरे पहर में तेज आंधी और बारिश के कारण सुहावने मौसम का लुत्फ भी प्राप्त कर लेते हैं. बदलते मौसम के मिजाज के बीच मौसम विभाग से खबर यह भी आ रही है कि मॉनसून का राज्य में आगमन जल्द ही होने की उम्मीद है.
5 जून तक झारखंड पहुंच सकता है मॉनसून
आइएमडी के अनुसार, देश में इस वर्ष मॉनसून के समय से पूर्व पहुंचने की उम्मीद है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में इस वर्ष मॉनसून के 26 मई तक पहुंचने की संभावना है. हालांकि यह चार दिन पहले या चार दिन बाद भी पहुंच सकता है. इसके 10 से 12 दिन बाद यानी पांच से छह जून तक झारखंड पहुंचने की उम्मीद है. आइएमडी के अनुसार, चार दिन आगे-पीछे होने की संभावना बनी रहती है.
12 दिन पहले पहुंचने की संभावना
अगर पूर्वानुमान सही रहा, तो झारखंड में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मॉनसून 12 दिन पहले पहुंचेगा. मई माह में झारखंड के कई इलाकों में लगभग हर दिन आंधी के साथ बारिश हो रही है. इससे संभावना है कि कुछ दिनों के बाद से ही झारखंड में प्री-मॉनसून बारिश शुरू हो सकती है. पिछले वर्ष यानी 2025 में मॉनसून केरल में 24 मई को पहुंचा था, लेकिन झारखंड में 17 जून तक पहुंचा था. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की अवधि जून से सितंबर तक रहती है.
अल-नीनो का प्रभाव
समय से पहले बरसात के मौसम का आना क्लाइमेट चेंज को दर्शाता है. आइएमडी ने कहा कि देश में कम वर्षा का कारण अल नीनो परिस्थितियों का विकसित होना हो सकता है. मौसम विभाग ने एक मई को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा था कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो-साउदर्न ओसिलेशन (इएनएसओ) की तटस्थ परिस्थितियां धीरे-धीरे अल नीनो की स्थिति की ओर बढ़ रही हैं. विभाग ने यह भी कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा?
मौसम विज्ञान विभाग केंद्र, रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि आज यानी 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मॉनसून पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि मॉनसून के केरल में 26-27 मई तक पहुंचने की उम्मीद है.
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