मारवाड़ी कॉलेज में शिक्षकों का हल्लाबोल: नई अधिसूचना के विरोध में 12 मई को बांधेंगे काली पट्टी
रांची के मारवाड़ी महाविद्यालय शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षा विभाग की नई अधिसूचना को छात्र विरोधी बताते हुए आंदोलन का निर्णय लिया गया. शिक्षकों ने इसे नई शिक्षा नीति के प्रतिकूल और गरीब छात्रों को शिक्षा से दूर करने वाला बताया है. आगामी 12 मई को शिक्षक काली पट्टी लगाकर विरोध जताएंगे.

Ranchi, Jharkhand: मारवाड़ी महाविद्यालय शिक्षक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुई. संघ के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट डॉ. अवध बिहारी महतो की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना और संकल्प पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार के इस कदम को छात्रहित और झारखंड के ग्रामीण व गरीब बच्चों के भविष्य के विरुद्ध बताया.

शिक्षा नीति और संसाधनों पर सवाल
बैठक के दौरान डॉ. शहाबुद्दीन और रांची विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने नई नीति को छात्रहित के विरुद्ध बताते हुए इसे नई शिक्षा नीति (NEP) के मूल सिद्धांतों के विपरीत करार दिया. डॉ. घनश्याम प्रसाद और डॉ. सीमा चौधरी ने कहा कि यह नियम ग्रामीण परिवेश के बच्चों के अवसर छीनने वाला है. वहीं, डॉ. अवध बिहारी महतो ने जोर दिया कि किसी भी नीति को लागू करने से पहले महाविद्यालयों में संसाधन, आवागमन और छात्रावास की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए.
12 मई को सांकेतिक विरोध प्रदर्शन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 12 मई 2026 (मंगलवार) को मारवाड़ी महाविद्यालय के सभी शिक्षक अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज करेंगे. शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा. साथ ही, शिक्षकों ने मारवाड़ी महाविद्यालय की विशाल छात्र संख्या को देखते हुए इसे 'विश्वविद्यालय' का दर्जा देने की पुरानी मांग को भी पुरजोर तरीके से दोहराया.
इनकी रही मौजूदगी
बैठक का समापन डॉ. राहुल कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. इस अवसर पर वरीय प्राध्यापक डॉ. शहाबुद्दीन, डॉ. उमेश कुमार, श्री शुभांकर आइच, उपाध्यक्ष संतोष रजक, सचिव जयप्रकाश रजक, डॉ. खातिर हेमरोम, डॉ. अमित कुमार, श्रीमती संगीता तिग्गा, डॉ. सुमंती तिर्की और डॉ. राकेश सिन्हा सहित भारी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे.
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