'शादी का झांसा' या 10 साल पुराना प्यार? कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को किया बरी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!
रांची की अदालत ने 10 साल पुराने दुष्कर्म मामले में आरोपी रत्नेश पांडेय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका।

Rape Case : रांची की न्यायायुक्त अनिल मिश्रा-1 की अदालत ने बुधवार को दुष्कर्म के 10 साल पुराने एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी रत्नेश पांडेय को साक्ष्य के अभाव में पूरी तरह से बरी कर दिया। यह पूरा मामला साल 2016 में महिला थाने में दर्ज कराया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और 19 व 26 अगस्त 2015 को एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि, अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद सबूतों की कमी के चलते आरोपी को राहत मिल गई।
पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ने बदला पूरा केस
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि दोनों के बीच साल 2012 से ही प्रेम संबंध था और घटना के वक्त दोनों पूरी तरह से बालिग थे। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने खुद अदालत के सामने स्वीकार किया कि वे दोनों एक ही गोत्र के थे, जिस वजह से सामाजिक रीति-रिवाजों के मुताबिक उनके बीच शादी होना संभव ही नहीं था। हालांकि होटल के रजिस्टर से दोनों की वहां मौजूदगी की पुष्टि जरूर हुई, लेकिन मेडिकल जांच में जबरन संबंध बनाए जाने का कोई भी संकेत नहीं मिला। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा, जिसके बाद कोर्ट ने रत्नेश पांडेय को दोषमुक्त करार दे दिया।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

'सुप्रीम कोर्ट से जीते, पर सिस्टम से हार रहे युवा!', JAP-1 ग्राउंड में दिनभर भटके झारखंड कांस्टेबल भर्ती के 888 अभ्यर्थी

नाबालिग से दरिंदगी करने वाले को 21 साल की कठोर जेल







