6 लाख महिलाओं का इलाज और 1100 लोगों को दी नई रोशनी..., IMA नेशनल टीम में शामिल हुईं नारी शक्ति पुरस्कार विजेता डॉ. भारती कश्यप
अपनी जीत पर खुशी जताते हुए डॉ. भारती कश्यप ने कहा कि यह जिम्मेदारी डॉक्टरों की आवाज को और मजबूत करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य नीतियों में जरूरी बदलाव लाने का एक बड़ा मौका है। डॉ. कश्यप पहले भी आईएमए मुख्यालय के विमेंस डॉक्टर्स विंग की राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष रह चुकी हैं

Ranchi: दुनिया भर में चार लाख से अधिक डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे बड़े संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA National HQs, नई दिल्ली) के सत्र 2026-2028 के राष्ट्रीय चुनावों में झारखंड का नाम रौशन हुआ है। राज्य की मशहूर नेत्र रोग विशेषज्ञ, समाजसेवी और नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. भारती कश्यप को IMA डॉ. एकेएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के मानद संयुक्त सचिव पद पर निर्विरोध चुन लिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा जारी नतीजों के मुताबिक, 55 सदस्यों वाली राष्ट्रीय टीम में डॉ. भारती कश्यप का चुना जाना झारखंड और पूरे मेडिकल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। देश भर से चुनी गईं चार प्रमुख महिला डॉक्टरों में झारखंड से डॉ. भारती कश्यप के अलावा गुजरात की डॉ. मोना देसाई, दिल्ली की डॉ. नीलम लेखी और हरियाणा की डॉ. सुनीला सोनी शामिल हैं।
महिला स्वास्थ्य और सर्वाइकल कैंसर मिशन को मिलेगी नई मजबूती
अपनी जीत पर खुशी जताते हुए डॉ. भारती कश्यप ने कहा कि यह जिम्मेदारी डॉक्टरों की आवाज को और मजबूत करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य नीतियों में जरूरी बदलाव लाने का एक बड़ा मौका है। डॉ. कश्यप पहले भी आईएमए मुख्यालय के विमेंस डॉक्टर्स विंग की राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष रह चुकी हैं और फिलहाल झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग की कमान संभाल रही हैं। उन्होंने झारखंड के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में महिलाओं की सेहत सुधारने के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं।
सर्वाइकल कैंसर रोकने का अनूठा 'झारखंड मॉडल'
WHO की गाइडलाइन के आधार पर डॉ. भारती कश्यप ने देश के बड़े कैंसर विशेषज्ञों के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एक सस्ता और असरदार 'स्क्रीन-एंड-ट्रीट' मॉडल तैयार किया। इस मॉडल के तहत मौके पर ही महिलाओं की जांच और शुरुआती इलाज किया जाता है।
लक्ष्य से दोगुना 6 लाख महिलाओं की जांच
राज्य सरकार ने जहां 2.7 लाख महिलाओं की जांच का लक्ष्य रखा था, वहीं डॉ. कश्यप की अगुवाई में मई 2026 तक करीब 6 लाख महिलाओं की सफल स्क्रीनिंग पूरी की गई। इसके अलावा उन्होंने अपनी पहल पर राज्य के 14 सरकारी अस्पतालों को आधुनिक डिजिटल वीडियो कॉल्पोस्कोप और क्रायोथेरेपी मशीनों से लैस कराया और महिला डॉक्टरों को स्पेशल ट्रेनिंग दिलवाई। साल 2025 में उनके प्रयासों से ही आईएमए को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का पहला गैर-वित्तीय पार्टनर बनाया गया।
आंखों की रोशनी बचाने और नेत्रदान में भी निभाई ऐतिहासिक भूमिका
कैंसर रोकथाम के अलावा नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में भी डॉ. भारती कश्यप का काम मिसाल रहा है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के 25 लाख से ज्यादा बच्चों की आंखों की जांच कराई है। साल 1996 में अविभाजित बिहार-झारखंड का पहला मरणोपरांत नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण कराने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। कश्यप मेमोरियल आई बैंक के जरिए वे अब तक करीब 1100 लोगों का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट करवाकर उनकी जिंदगी में रौशनी ला चुकी हैं।
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