JPSC-JSSC Protest : बैरिकेडिंग तोड़ CM आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस से..
जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य धांधलियों की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। छात्रों ने राज्य सरकार के अधीन सीआईडी (CID) द्वारा चल रही जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है

JPSC-JSSC Protest: झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने के लिए एक विशाल मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद छात्रों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक और भारी धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
बैरिकेडिंग लांघने की कोशिश, बीच सड़क पर धरना
मुख्य मार्ग पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करने लगे, लेकिन तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से पूरी तरह रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन और धरने के कारण मुख्य मार्ग पर भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई और आवागमन ठप पड़ गया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के हाथों में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीरें और पोस्टर नजर आए। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई और राज्य के शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की पुरजोर मांग की।
CBI जांच की मांग और ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों पर सवाल
आंदोलनकारी छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य धांधलियों की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। छात्रों ने राज्य सरकार के अधीन सीआईडी (CID) द्वारा चल रही जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार विवादों में रहने वाली और ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों को ही परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उनका कहना है कि इस तरह की लचर व्यवस्था के कारण दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। छात्र नेताओं ने यह भी साफ किया कि उनका यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे राज्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
कई छात्र हिरासत में, विधानसभा घेराव की कड़ी चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने दावा किया है कि पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उनके करीब 8 से 10 साथियों को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए छात्रों की आधिकारिक संख्या और इस संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उनके कई साथी पिछले कई दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं और भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी जायज मांगों पर अब तक कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। छात्रों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी 11 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। फिलहाल, एहतियात के तौर पर मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है।
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