नौकरी तो बची, पर अब वेतन पर अटका पेंच!, JSSC CGL से बहाल 1932 कर्मियों को विभागीय आदेश का इंतजार
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के जरिए विभिन्न पदों पर नियुक्त हुए 1932 कर्मचारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।


Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के जरिए विभिन्न पदों पर नियुक्त हुए 1932 कर्मचारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट से अंतरिम रोक मिलने के बाद इन कर्मियों की नौकरी तो बच गई, लेकिन अब उनके सामने वेतन भुगतान को लेकर एक नया प्रशासनिक पेंच खड़ा हो गया है। प्रशाखा पदाधिकारी, कनीय सचिवालय सहायक, सर्किल इंस्पेक्टर, ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी जैसे पदों पर कार्यरत कई कर्मी वेतन के लिए कार्मिक विभाग के आधिकारिक आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कैबिनेट के फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाई थी अंतरिम रोक, 23 अगस्त से हुआ था योगदान
गौरतलब है कि 17 अगस्त 2026 को राज्य सरकार की विशेष कैबिनेट बैठक में इन नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया गया था, जिससे सभी 1932 चयनितों की नौकरी पर संकट आ गया था। इसके खिलाफ कर्मी हाईकोर्ट पहुंचे, जहां 20 अगस्त 2026 को अदालत ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी का हवाला देते हुए सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत के इस आदेश के बाद 23 अगस्त से कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों में दोबारा योगदान देना शुरू कर दिया था।
कार्मिक विभाग के स्पष्ट पत्र के बिना अटका वेतन
कर्मियों का कहना है कि उन्होंने कोर्ट के आदेश पर दोबारा ज्वाइनिंग तो दे दी है, लेकिन कार्मिक विभाग की ओर से उनकी सेवा बहाली और री-ज्वाइनिंग को लेकर अब तक कोई स्पष्ट औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा तकनीकी पेच यह है कि कैबिनेट ने नौकरी समाप्त करने का अलग आदेश नहीं दिया था, बल्कि नियुक्ति ही रद्द की थी। ऐसे में किस कानूनी आधार पर नया री-ज्वाइनिंग पत्र जारी किया जाए, इस पर विचार चल रहा है। कर्मियों के अनुसार, मुख्यमंत्री स्तर से अनुशंसा मिलने के बाद ही कार्मिक विभाग औपचारिक पत्र जारी कर सकेगा, जिसके बिना संबंधित विभाग वेतन बिल पास करने में असमर्थता जता रहे हैं।
CID की जांच में 5 गिरफ्तार, 15 सितंबर की सुनवाई पर टिकी निगाहें
दूसरी तरफ, JSSC CGL भर्ती में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीआईडी (CID) की जांच भी समानांतर चल रही है। जांच एजेंसी अब तक 150 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है और पांच सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। सीआईडी की योजना नियुक्त किए गए सभी 1932 कर्मियों से पूछताछ कर जांच रिपोर्ट तैयार करने की है। अब इस पूरे प्रकरण में अगली सबसे अहम तारीख 15 सितंबर 2026 तय है, जब हाईकोर्ट में राज्य सरकार और अभ्यर्थियों को अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने हैं। माना जा रहा है कि इस सुनवाई के बाद ही नियुक्ति, वेतन और जांच की भावी दिशा पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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