JMM की स्टार प्रचारक महुआ माझी असम चुनाव में हैं मशगूल, जनता के नजरिए को लेकर कह दी बड़ी बात !
महुआ माझी ने नक्षत्र न्यूज से खास बातचीत के दौरान असम के आदिवासियों की समस्याओं को लेकर जेएमएम की मंशा प्रकट की. उन्होंने कहा कि अगर इनकी जर्जर स्थिति को दूर कर दिया जाए, तो इन्हें सरकार को अलग से रुपए देने की आवश्यकता नहीं होगी, जो चुनाव जीतने की चाह में दिया गया है.
Assam Election 2026: झामुमो की शीर्ष नेता और असम विधानसभा चुनाव की स्टार प्रचारक महुआ माझी इन दिनों असम की जनता से लगातार रूबरू हो रही हैं. जनता की समस्याओं को समझने और अपनी चुनावी मंशा को जनता तक पहुंचाने के क्रम में एक प्रकार से पूरी झारखंड कैबिनेट ने असम में पांव जमा लिए हैं. महुआ माझी ने चुनावी जनसभाओं के दरमियां नक्षत्र न्यूज से बातचीत की.
उन्होंने बताया कि चूंकि जेएमएम ने पहली दफा असम का चुनाव लड़ने का फैसला किया है, इसलिए हो सकता है उनका संगठन कमजोर नजर आ रहा हो. लेकिन उन्होंने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पुख्ता कदम रख दिए हैं.

जनता की ओर से मिल रही प्रतिक्रियाओं पर बात करते हुए कहा कि असम की जनता जेएमएम को एक मसीहा के तौर पर देख रही है. एक ऐसा मसीहा जो उनकी समस्याएं समझता है और उनको उन समस्याओं से उबारने की खातिर आया है.
आदिवासी मजदूरों के दैनिक भत्ते को भी जेएमएम ने अपना एक चुनावी मुद्दा बनाया है. साथ ही बताते चलें कि कुछ दिनों पहले असम की वर्तमान सरकार द्वारा असम में महिलाओं के खाते में 9 हजार एकमुश्त रकम डाली गई है. इसे लेकर महुआ माझी ने कहा कि अगर आदिवासियों को उनका हक-अधिकार दे दिया जाए, तो उन्हें इन रुपयों की जरूरत नहीं पड़ेगी.
उन्होंने बीजेपी पर प्रहार करते हुए कहा कि
जैसा बिहार चुनाव से पहले उन्होंने 10 हजार महिलाओं को चुनाव जीतने की मंशा से दिए थे, ठीक उसी प्रकार यहां भी इन 9 हजार की रकम दी गई है.
उन्होंने असम के आदिवासियों की जर्जर स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि जब तक बच्चा रोता नहीं, तब तक उसे मां दूध भी नहीं पिलाती. जनता की तकलीफें हमने समझी हैं और उनकी आवाज बनकर उनकी तकलीफें दूर करने का काम भी करेंगे.
उन्होंने झारखंड में चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की बात की. उन्होंने कहा जिस प्रकार झारखंड की जनता का विश्वास हेमंत सोरेन को मिला, उसी प्रकार असम की जनता का विश्वास जीतने का भी हमारे द्वारा पुरजोर प्रयास किया जा रहा है.
जेएमएम का कांग्रेस के साथ गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि कई बार गठबंधन में जब हम नहीं होते तो अपने बलबूते अपनी काबिलियत साबित करने की जरूरत होती है. जेएमएम असम चुनाव में इसी प्रयास में प्रयासरत है.
रिपोर्ट: नवीन शर्मा
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