पीपलकोटी सुरंग में फंसे झारखंड के मजदूर, CM हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के CM से की बात, हेल्पलाइन नंबर जारी
उत्तराखंड के पीपलकोटी में सुरंग हादसे के बाद झारखंड के मजदूरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। CM हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के CM से बात की और परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए।

Ranchi: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में स्थित THDC जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन TRT टनल में हुए भीषण हादसे के बाद झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस परियोजना में खूंटी और गुमला समेत झारखंड के कई अन्य जिलों के भी श्रमिक काम कर रहे थे। हादसे के वक्त टनल के अंदर कई मजदूरों के फंसे होने की खबर है, हालांकि झारखंड के कुल कितने श्रमिक वहां मौजूद थे और उनकी अभी क्या स्थिति है, इसको लेकर अभी तक पूरी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ पाई है।
अचानक टनल में घुसा भारी मलबा और पानी, 7 मजदूरों की मौत
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7 बजे टनल के अंदर एक कैविटी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी बाहर निकल आया। इससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला और कई लोग अंदर ही फंस गए। इस भयानक हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 3 मजदूरों की तलाश के लिए अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी टनल में लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर यह हादसा हुआ है। हादसे के वक्त सुरंग के भीतर ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ भारी मलबा सुरंग के अंदर भर गया। SDRF, NDRF और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
CM हेमंत सोरेन ने जताई चिंता, उत्तराखंड सरकार से हुई बातचीत
इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर सीधी बातचीत की। सीएम धामी ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस तरह की निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार हो रहे हादसों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि विकास बहुत जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के ही ऐसे गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।
परिजनों के लिए सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन सभी लोगों से अपील की है जिनके परिवार के लोग या परिचित चमोली की इस परियोजना में काम करने गए हैं। ऐसे लोग तुरंत राज्य सरकार के कंट्रोल रूम से संपर्क करके अपने परिजनों की जानकारी साझा कर सकते हैं। सरकार ने श्रमिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-3456-526 जारी किया है। इसके अलावा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9470132591, 9431336472 और 9431336427 भी उपलब्ध कराए गए हैं।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

परीक्षा रद्द होते ही झारखंड में बड़ा प्रशासनिक संकट!, खाली हो गईं सैकड़ों कुर्सियां, ठप्प पड़ा सरकारी काम

'सुप्रीम कोर्ट से जीते, पर सिस्टम से हार रहे युवा!', JAP-1 ग्राउंड में दिनभर भटके झारखंड कांस्टेबल भर्ती के 888 अभ्यर्थी







