झारखंड के पहले 'टाइगर सफारी प्रोजेक्ट' की तैयारी, CM हेमंत सोरेन ने देखा प्रस्तावित प्रेजेंटेशन
झारखंड को में पहला टाइगर सफारी मिलने वाला है, इसके लिए निमित्त विभाग की ओर से भूमि भी चिन्हित कर ली गई है. इस संबंध में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी दी. इसके निर्माण के लिए लातेहार जिले का पुटूवागढ़ क्षेत्र प्रस्तावित हैं.

Ranchi: टाइगर सफारी के लिए झारखंड के लोगों को अब दूसरे राज्यों में नहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी. दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड का अपना टाइगर प्रोजेक्ट का कार्य शुरू करने का निर्देश दे दिया है. यह लातेहार जिला के पुटूवागढ़ क्षेत्र में झारखंड का पहला टाइगर सफारी प्रोजेक्ट होगा. यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट पलामू टाइगर रिजर्व से बाहर का क्षेत्र है. इसे लेकर विभाग की ओर से भूमि भी चिन्हित कर ली गई है. टाइगर सफारी का यह प्रोजेक्ट बेतला नेशनल पार्क के नजदीक के क्षेत्र में बनाए जाने की योजना है.
बता दें, इस संबंध में शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार में प्रस्तावित टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा. इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टाइगर सफारी प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी दी. और उन्हें अवगत कराया कि यह प्रोजेक्ट झारखंड का पहला टाइगर सपारी प्रोजेक्ट होगा. लातेहार जिला के पुटूवागढ़ क्षेत्र में इसका निर्माण किया जाना प्रस्तावित है जो पलामू टाइगर रिजर्व से बाहर का क्षेत्र है. इस निमित्त विभाग द्वारा भूमि चिन्हित कर ली गई है.
टाइगर सफारी प्रोजेक्ट बेतला नेशनल पार्क के नजदीक क्षेत्र में बनाए जाने की योजना है. इस प्रोजेक्ट के बनने से डाल्टनगंज, बरवाडीह, मंडल डैम क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका का बेहतर साधन मिलेगा. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट के बनने से पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) क्षेत्र के इको टूरिज्म सर्किट, जो नेतरहाट-बेतला-केचकी से लेकर मंडल डैम तक विस्तारित है, इसके विकास में यह प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जानकारी दी कि टाइगर सफारी परियोजना की स्थापना निर्धारित सभी मानकों का अनुपालन करते हुए की जाएगी. टाइगर सफारी बनने से इस क्षेत्र के समुचित विकास की पूरी संभावना है. इस योजना के विस्तार से टूरिज्म क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बाघों और अन्य वन्यजीवों को करीब से देखने का एक आकर्षक और नया मौका होगा. यह झारखंड का पहला टाइगर सफारी होगा, जिसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है.
वहीं, मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाइगर सफारी प्रोजेक्ट से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली और सभी अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक कल्पना सोरेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्डलाइफ परितोष उपाध्याय, पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एसआर नाटेश, उप निदेशक पलामू टाइगर रिजर्व प्रजेश जेना, कंसल्टेंट अशफाक अहमद सहित अन्य मौजूद रहें.
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