पढ़ने भेजा था, ABVP ने बरगलाया!, घायल छात्र मंटू मुर्मू के भाई ने BJP पर लगाया भाई को भड़काने का आरोप
गिरिडीह में JPSC-CGL विवाद को लेकर JMM नेताओं ने BJP पर छात्रों को राजनीतिक मोहरा बनाने का आरोप लगाया। घायल छात्र मंटू मुर्मू के भाई ने BJP और ABVP से जुड़े लोगों पर उसे बरगलाने का दावा किया।

Giridih: JPSC-CGL परीक्षा विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आंदोलनकारी छात्रों के निशाने पर आई हेमंत सोरेन सरकार के बचाव में रविवार को गिरिडीह के JMM आदिवासी नेता खुलकर सामने आए। गिरिडीह में एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर JMM के वरिष्ठ नेता महालाल सोरेन, कोल्हेश्वर सोरेन, प्रधान मुर्मू और महावीर मुर्मू ने मोर्चा संभाला और BJP के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। JMM नेताओं ने सीधा आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों के बजाय BJP केवल छात्रों को राजनीतिक ढाल और मोहरा बनाकर राज्य सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की साजिश रच रही है।
'कल्याणकारी योजनाओं से बनी सरकार, जनादेश पचा नहीं पा रही BJP'
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए JMM नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जन-कल्याणकारी योजनाओं के बल पर जनता का विश्वास जीतकर दोबारा सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि BJP लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई लोकप्रिय सरकार को पचा नहीं पा रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले केंद्र की एजेंसियों का दुरुपयोग कर मुख्यमंत्री को जेल भिजवाया गया, MMDR संशोधन बिल के जरिए राज्य के अधिकारों को दबाने का प्रयास किया गया और अब सीधे-सादे प्रतियोगी छात्रों को आगे कर सरकार के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। हालांकि, जब मीडिया ने पूर्व विधायक सीता सोरेन द्वारा हेमंत सरकार पर लगाए गए आरोपों पर सवाल पूछा, तो आदिवासी नेताओं ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वे इस विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
मंटू मुर्मू के भाई ने BJP पर लगाया बरगलाने का आरोप
इस प्रेस वार्ता के दौरान आंदोलन में घायल हुए छात्र नेता मंटू मुर्मू के भाई प्रेमचंद मुर्मू को भी मीडिया के सामने लाया गया। प्रेमचंद मुर्मू ने दावा किया कि उनके परिवार ने मंटू को गिरिडीह सिर्फ पढ़ाई करने के लिए भेजा था, लेकिन कुछ राजनीतिक तत्वों और BJP से जुड़े लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में ले लिया और परिवार से अलग कर दिया। पत्रकारों के सवालों पर प्रेमचंद ने स्पष्ट किया कि उन्हें पहले केवल इतना पता था कि उनका भाई किसी छात्र संगठन में सक्रिय है, लेकिन हालिया प्रदर्शन और आंदोलन के घटनाक्रम के बाद ही यह साफ हुआ कि वह ABVP से जुड़ा हुआ था। JMM नेताओं ने दोहराया कि राज्य के युवा सरकार की नीतियों को समझते हैं और वे विपक्ष के किसी भी भड़कावे में नहीं आएंगे।
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