सत्यव्रत किरण
रांची, जो कभी अपनी शांत पहचान और सादगी के लिए जाना जाता था, अब धीरे-धीरे नशे के अंधेरे जाल में फंसता जा रहा है। शहर के बार, रेस्टोरेंट और हाई-प्रोफाइल फार्म हाउस के पीछे एक ऐसा नेटवर्क खड़ा हो चुका है, जो युवाओं को चुपचाप अपनी गिरफ्त में ले रहा है। “मौज-मस्ती” और “नाइट लाइफ” के नाम पर परोसा जा रहा यह जहर अब एक गंभीर सामाजिक संकट बनता जा रहा है।
नशे का बाजार: कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश
सूत्रों के अनुसार, रांची में कोकीन, MDMA और एक्सटेसी जैसी खतरनाक ड्रग्स आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। कीमतें भी चौंकाने वाली हैं
कोकीन लगभग 15 हजार रुपये प्रति ग्राम, MDMA 12 हजार रुपये प्रति ग्राम और एक्सटेसी पिल्स करीब 2500 रुपये प्रति गोली तक बेची जा रही है।यह साफ दिखाता है कि यह धंधा कितना संगठित और मुनाफे वाला बन चुका है।
कहां से आता है ड्रग्स?
इस नेटवर्क की जड़ें सिर्फ रांची तक सीमित नहीं हैं। ड्रग्स की सप्लाई दिल्ली, गोवा, कोलकाता,जयपुर, बनारस, जैसे बड़े शहरों से की जाती है। इसे निजी गाड़ियों या बसों की डिक्की में छिपाकर लाया जाता है, जिससे जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। इस पूरे खेल के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो देशभर में फैला हुआ है।
कहां परोसा जाता है ‘मौत का सामान’?
शहर में इन नशीले पदार्थों का इस्तेमाल खुलेआम कई बार, रेस्टोरेंट या फिर उसके बाथरूम और खासतौर पर फार्म हाउस पार्टियों में हो रहा है। पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के अंदर भी युवाओं द्वारा ड्रग्स का सेवन किया जा रहा है।
ऐप्स के जरिए चल रहा खेल फार्म हाउस पार्टियां इस धंधे का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन गई हैं, जहां हाई-प्रोफाइल लोगों की मौजूदगी के कारण प्रशासन की नजर आसानी से नहीं पहुंच पाती।चौंकाने वाली बात यह भी है कि इन पार्टियों के लिए फ्लैट, बंगले और फार्म हाउस किराये पर लेने के लिए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। रोजाना के हिसाब से बुकिंग कर, ये गिरोह बिना किसी शक के अपने नेटवर्क को चला रहे हैं। इससे पुलिस और आम लोगों के लिए इन तक पहुंच पाना और भी मुश्किल हो जाता है।
आफ्टर पार्टी का काला सच
“आफ्टर पार्टी” के नाम पर रात 12 बजे के बाद शुरू होने वाली ये पार्टियां सुबह 5 बजे तक चलती हैं। हाई कोर्ट के निर्देशों को दरकिनार करते हुए इवेंट कंपनियों द्वारा इनका आयोजन किया जाता है। प्रशासन की सख्ती बढ़ने के बाद अब ये पार्टियां धीरे-धीरे निजी घरों और बंद जगहों पर शिफ्ट हो रही हैं, जहां युवक-युवतियां पूरी रात नशे में डूबे रहते हैं।
इवेंट कंपनियों की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे नेटवर्क में कई इवेंट कंपनियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। रांची के अलावा इनका कनेक्शन दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों तक फैला हुआ है। “इवेंट मैनेजमेंट” के नाम पर यह धंधा बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है।
सबसे बड़ा सवाल:
सवाल यही है कि क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर हाई-प्रोफाइल दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है? रांची में बढ़ता यह नशे का कारोबार सिर्फ कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य पर मंडराता एक बड़ा खतरा बन चुका है। अगर समय रहते इस पर सख्त और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। निष्कर्ष: नक्षत्र न्यूज के पास रांची में फैलते नशे के कारोबार से जुड़े कई संदिग्धों की अहम जानकारी मौजूद है। नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल लोगों के ठिकानों से जुड़े पुख्ता इनपुट जुटाए गए हैं। फिलहाल इन तथ्यों का गहन सत्यापन किया जा रहा है, ताकि सही समय पर ठोस सबूतों के साथ बड़ा खुलासा किया जा सके। नक्षत्र न्यूज जल्द ही इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क का परत-दर-परत पर्दाफाश करेगा, जिससे कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।









