भारत एजुकेशन समिट का हुआ समापन, 200 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों ने लिया हिस्सा
सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श का केंद्र बिंदु “विकसित भारत 2047” का परिवर्तनकारी एजेंडा रहा. वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय विकास, नवाचार, कौशल संवर्धन तथा मानव पूंजी निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

Bharat Education Summit 2026 : चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (CIPU) द्वारा आयोजित दो दिवसीय तृतीय भारत हायर एजुकेशन समिट का सफलतापूर्वक समापन हो गया. इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देशभर के 200 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
सम्मेलन में मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर, पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव भास्कर चटर्जी, आईएएस (विशिष्ट अतिथि), सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर बलविंदर सिंह संधू, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविराज सीतारमण, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू, पुणे के एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट एवं सीआईपीयू के संस्थापक राहुल कराड तथा सीआईपीयू के अध्यक्ष एवं सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक सहित अनेक शिक्षाविदों एवं नीति-निर्माताओं ने सहभागिता की.
सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श का केंद्र बिंदु “विकसित भारत 2047” का परिवर्तनकारी एजेंडा रहा. वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय विकास, नवाचार, कौशल संवर्धन तथा मानव पूंजी निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
मुख्य अतिथि अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में आज के समय में एआई की उपयोगिता पर अपना विचार प्रस्तुत किया. उन्होंने एनईपी के लाभ पर भी बात की. विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक शिक्षा के महत्व पर वक्तव्य देते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण में उपयोगी करार दिया. विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं उससे उनके भविष्य पर पड़ने वाले सकारात्मक परिवर्तनों पर भी उन्होंने बात की. राहुल कराड ने नवाचार पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों को इससे होने वाले लाभ और इसके भविष्य पर बात की.
अपने संबोधन में प्रो. गोपाल पाठक ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को देश के सभी विश्वविद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि छात्रों को पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना समय की मांग है.
सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, कुलपति प्रो. सी. जगन्नाथन तथा राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर आयोजक मंडल को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.
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