Bahraich (Uttar Pradesh): यूपी के बहराइच से दिल को दहला देने वाली एक खबर सामने आई है. जहां संपत्ति की लालच और आपसी रंजिश ने हंसता-खेलता एक भरा-पूरा परिवार पूरी तरह से बर्बाद कर दिया. बता दें, यह पूरी घटना जिले के रुपईडीहा थाना इलाके के बसंतपुर रुदल गांव की है. जहां पैसों के विवाद और चंद बीघे जमीन को लेकर एक कलयुगी बेटे ने अपने माता-पिता, दादी और बहन की कुल्हाड़ी से मारकर बेरहमी से हत्या कर दी है. जबकि अपने बड़े को भी मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है. 
कातिल की नजरों से बचकर खौफनाक मंजर देखता रहा बच्चा
वहीं, आरोपी द्वारा अंजाम इस खौफनाक मंजर को घर का 10 वर्ष का बच्चा छिपकर देखता रहा. इस दौरान डर के मारे उसके मुंह से एक आवाज भी नहीं निकली. जिसके कारण उसकी जान बच गई. परिवार के लोगों की कुल्हाड़ी से हमला करने के बाद आरोपी युवक ने खुद को ईंट से प्रहार करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. इधर, मामले की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले मासूम को अपनी सुरक्षा में लिया. और इसके बाद तुरंत सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया.
लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने बदलू राम (पिता), संजू देवी (मां), पार्वती (बहन) और शीतला देवी (दादी) को मृत घोषित कर दिया. वहीं, घटना में गंभीर रूप से घायल बड़े भाई गुरुदेव को पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जबकि मुख्य आरोपी निरंकार को नाजुक हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है. घटनास्थल से पुलिस ने खून से लथपथ कुल्हाड़ी और उस ईंट को भी बरामद किया है जिससे आरोपी ने खुद को घायल किया था.
जानें क्या है पूरा मामला
घटना के संबंध में डीपी तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण ने जानकारी देते हुए बताया कि घायल गुरुदेव (आरोपी के बड़े भाई) ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज की गई है जिसमें उसने पुलिस को बताया है 1 मार्च की देर रात करीब 12 बजे छोटे भाई निरंकार वर्मा (40 वर्ष) ने पिता द्वारा 15 साल पहले बेची गई जमीन को लेकर विवाद हुआ. इस दौरान उसने पास रखे कुल्हाड़ी उठाई और उससे अपने पिता के सिर पर वार करना शुरू कर दिया. शोर की आवाज सुनकर पिता बदलू राम को बचाने के लिए मां संजू देवी (56 वर्ष), बहन पार्वती (42 वर्ष), दादी शीलता देवी (80 वर्ष) दौड़ कर पहुंचे लेकिन आरोपी ने उनपर रहम नहीं दिखाई...
और उनपर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, उन्हें गंभीर रुप से घायल कर उन सबकी हत्या कर दी. इतना ही नहीं उसने अपने बड़े भाई पर भी हमला किया. इस घटना के वक्त घर पर 10 वर्ष का बच्चा भी मौजूद था जो अपने चाचा द्वारा अंजाम दिए जा रहे खौफनाक मंजर को छिपकर देख रहा था. इस दौरान दहशत के मारे उसकी आवाज भी नहीं निकली जिससे वह कातिल की नजरों से बच गया.
रिपोर्ट- अटल सिंह








