हजारीबाग पुलिस ने 8 को दबोचा, बैंक-डाकघर के बाहर रेकी कर छिनतई करने वाले अंतरराज्यीय कोढ़ा गिरोह का भंडाफोड़
हजारीबाग और आसपास के जिलों में बैंकों व डाकघरों के बाहर रेकी कर नकदी व आभूषणों की छिनतई करने वाले कुख्यात अंतरराज्यीय ‘कोढ़ा गिरोह’ पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है।


Hazaribagh: हजारीबाग और आसपास के जिलों में बैंकों व डाकघरों के बाहर रेकी कर नकदी व आभूषणों की छिनतई करने वाले कुख्यात अंतरराज्यीय ‘कोढ़ा गिरोह’ पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। लोहसिंघना थाना क्षेत्र से शुरू हुई सघन कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के 8 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 63 मामले पहले से दर्ज हैं। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने 100 से अधिक वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिसका पुलिस सत्यापन कर रही है।
झील के पास घेराबंदी कर दबोचे गए कटिहार के चार शातिर
पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा क्षेत्र से जुड़े अपराधी हजारीबाग में किसी बड़ी छिनतई की फिराक में हैं। इसके बाद सदर एसडीपीओ रूपक कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने हजारीबाग झील के आसपास सघन एंटी-क्राइम चेकिंग शुरू की। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध युवक आते दिखे। पुलिस के रुकने का इशारा करते ही वे भागने लगे, जिन्हें जवानों ने खदेड़कर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कटिहार (कोढ़ा) निवासी मिट्ठू यादव, रितिक कुमार यादव, सन्नी कुमार और अमन यादव के रूप में हुई।
चोरी की बाइक और फर्जी नंबर प्लेट का था खेल
जांच में गिरोह का तरीका सामने आया। आरोपी पहले से चोरी की बाइकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बैंक, डाकघर और बाजारों के पास रेकी करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति नकदी या आभूषण लेकर निकलता, ये झपटमारी कर फरार हो जाते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए वारदात के फौरन बाद बाइक और नंबर प्लेट दोनों बदल दी जाती थीं। पूछताछ में पुसु यादव, आनंद यादव और विकास यादव उर्फ रंगीला के नाम सामने आए हैं, जो कटिहार से बैठकर नेटवर्क चलाते थे।
चौपारण में लोकल नेटवर्क, रांची-चतरा तक जुड़े तार
जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने हजारीबाग के चौपारण में स्थानीय स्तर पर शरण और सहयोग देने वाले अरशद खान, अजहर खान और अफसर खान को पकड़ा, जिनके पास से चोरी की दो बाइकें बरामद हुईं। इसके अलावा गिरोह के सावन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, इस सिंडिकेट के खिलाफ हजारीबाग सदर, बड़ा बाजार, कोर्रा, लोहसिंघना, मुफस्सिल के अलावा रांची, रामगढ़, चतरा और गिरिडीह में भी कई प्राथमिकी दर्ज हैं।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, अमन यादव और सन्नी कुमार पूर्व में बाइक चोरी और छिनतई में जेल जा चुके हैं, जबकि मिट्ठू यादव पश्चिम बंगाल में अवैध शराब तस्करी के मामले में बंद रह चुका है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 27 ग्राम सोने के आभूषण, 4 चोरी की मोटरसाइकिल, 6 फर्जी नंबर प्लेट, 6 की-पैड मोबाइल और 23 पुड़िया नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस अब गिरोह के सरगनाओं और अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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