Guru Hargobind Sahib Prakash Parv: श्री अकाल तख्त साहिब में श्रद्धा के साथ मनाया गया प्रकाश पर्व, मीरी-पीरी के संदेश पर दिया गया जोर
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का प्रकाश पर्व श्री अकाल तख्त साहिब में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। जानिए कार्यक्रम की खास बातें।

अमृतसर: श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का प्रकाश पर्व श्री अकाल तख्त साहिब में श्रद्धा, सम्मान और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुरु साहिब की शिक्षाओं को याद करते हुए संगत में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक परंपराओं के अनुसार हुई। अखंड पाठ साहिब के समापन के बाद गुरबाणी कीर्तन का आयोजन किया गया और संगत को पावन संदेश सुनाया गया। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला।
मीरी-पीरी के सिद्धांत का दिया गया संदेश
समारोह के दौरान वक्ताओं ने श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के जीवन और उनके द्वारा दिए गए मीरी-पीरी के सिद्धांत को याद किया। इस सिद्धांत का अर्थ आध्यात्मिक जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन माना जाता है।
बताया गया कि गुरु साहिब ने लोगों को केवल धार्मिक जीवन तक सीमित नहीं रहने, बल्कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने का भी संदेश दिया था।
श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका पर चर्चा
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने सिख समुदाय को संगठित करने और मार्गदर्शन देने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना की थी। आज भी इसे सिख समुदाय के महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों में माना जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी समाज को साहस, सेवा और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की अपील
समारोह में संगत से अपील की गई कि नई पीढ़ी को गुरमत, गुरबाणी और सिख इतिहास से जोड़ा जाए ताकि आने वाले समय में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रम में धार्मिक प्रतिनिधि, प्रबंधक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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