नौकरी बेच रही है सरकार!, भर्ती सुधार यात्रा के 10वें दिन राहे-सोनाहातू में गरजे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो
JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर भर्ती सुधार यात्रा के 10वें दिन देवेंद्र नाथ महतो राहे-सोनाहातू पहुंचे। उन्होंने सरकार से पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया लागू करने की मांग की।

Devendra Nath Mahto : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा व नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार और पूरी पारदर्शिता लाने की मांग को लेकर छात्रों की राज्यव्यापी 'भर्ती सुधार यात्रा' लगातार आगे बढ़ रही है। अपनी यात्रा के दसवें दिन छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो राहे और सोनाहातू इलाके में पहुंचे। यहां पहुंचने पर स्थानीय छात्रों और युवाओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में छात्रों की मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी भी देखने को मिली।
महापुरुषों की प्रतिमाओं पर किया नमन
यात्रा के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों और झारखंड के आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। राहे के भगत सिंह चौक पर उन्होंने अमर शहीद भगत सिंह और किसान नेता खुदीराम मुंडा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। इसके बाद सुभाष चौक पहुंचकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन किया। सोनाहातू में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, बुली महतो और बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके अलावा जाड़ेया में शहीद निर्मल महतो और बारेंदा में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया।
'न्यायालय का बहाना बनाकर छात्रों से छल'
जनसभा और नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में नियुक्तियों के नाम पर सिर्फ खेल हो रहा है और योग्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भूख हड़ताल के समय सरकार के प्रतिनिधियों ने छात्रों की मांगों को जायज मानकर पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब कानूनी पेंच और न्यायालय का हवाला देकर छात्रों को लगातार ठगा जा रहा है। सरकार की इस कार्यशैली को राज्य के युवा कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मांगें नहीं मानी तो सड़क पर उतरेगा उग्र आंदोलन
छात्र नेता ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस राज्यव्यापी यात्रा के बाद भी सरकार ने नियुक्ति नियमावली और चयन प्रक्रिया में जरूरी सुधार नहीं किए, तो छात्र शांत नहीं बैठेंगे और पूरे राज्य में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने केवल युवाओं ही नहीं, बल्कि अभिभावकों से भी इस लड़ाई में खुलकर सामने आने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। इस दौरान बड़ी तादाद में स्थानीय ग्रामीण, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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